Deepak Ke Niyam: पूजा के दौरान दीपक जलाते समय भूलकर न करें ये गलतियां, वरना नहीं मिलेगा पूर्ण फल

By अनन्या मिश्रा | Jun 24, 2025

हिंदू धर्म में सुबह और शाम के समय पूजा के दौरान दीपक जलाने का खास महत्व होता है। ऐसा करने से नकारात्मकता दूर होती है और पॉजिटिव एनर्जी का संचार होता है। हालांकि ज्योतिष शास्त्र में पूजा घर में दीपक जलाने के कुछ खास नियमों के बारे में बताया गया है। जिनका हर किसी को ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि सही तरीके से दीपक न जलाने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है और घर में समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। ऐसे में अगर आप इन नियमों का ध्यान रखते हुए रोजाना घर में भगवान की पूजा के दौरान दीपक जलाते हैं, तो इससे सुख-समृद्धि और सौभाग्य का आगमन होता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको पूजा के समय दीपक जलाने के कुछ जरूरी नियमों के बारे में बताने जा रहे हैं।

दीपक जलाने के दौरान न करें ये काम

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दीपक जलाने के बाद नहीं करनी चाहिए ये गलती

पूजा के समय दीपक जलाने के बाद अगर आप धूपबत्ती या अगरबत्ती को दीपक की अग्नि से जलाते हैं, तो ऐसा नहीं करना चाहिए। क्योंकि दीपक से धूपबत्ती या अगरबत्ती जलाने से दीपक की अग्नि बुझ सकती है। इसलिए धूपबत्ती जलाने के लिए हमेशा माचिस का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे अशुभ फल की प्राप्ति होती है और व्यक्ति को आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ सकता है।

भूलकर भी न करें ये गलतियां

अगर आप भी रोजाना शाम के समय मुख्य द्वार पर दीपक जलाते हैं, तो कुछ खास नियमों का ध्यान रखना जरूरी है। लेकिन जरूरी है कि घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाकर इस तरह से रखना चाहिए कि इसका मुख सामने की ओर है। इस तरह दीपक जलाना शुभ माना जाता है। वहीं दीपक जलाने के दौरान ध्यान रखें कि कभी सम संख्या में दीपक न जलाएं। बल्कि आप 3, 5, 7, 9 और 11 दीप जला सकते हैं।

इस तेल का जलाएं दीपक

घर के मंदिर में श्रीहरि और मां लक्ष्मी की पूजा के समय सही तेल से दीपक जलाना जरूरी होता है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के सामने शुद्ध देसी घी का दीपक जलाना चाहिए। इससे जातक को विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में धन-दौलत की कमी नहीं होती है। लेकिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के सामने तेल का दीपक नहीं जलाना चाहिए। ऐसा करने से आपकी पूजा अधूरी रह सकती है।

दीपक की बाती

पूजा के समय दीपक जलाने के दौरान तेल और बाती का हमेशा ख्याल रखना चाहिए। दीपक की बाती के प्रयोग के कुछ खास नियम होते हैं। जिनका ध्यान रखना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि मां लक्ष्मी और मां दुर्गा की पूजा के समय लाल रंग की बाती का इस्तेमाल करना चाहिए। मां दुर्गा और मां लक्ष्मी की पूजा के दौरान सफेद रंग की बाती का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इससे व्यक्ति को अशुभ फल की प्राप्ति होती है। क्योंकि सफेद रंग की बाती पितरों के सामने जलानी चाहिए।

विष्णु पूजा में दीपक

गुरुवार का दिन जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित माना जाता है। विष्णु भगवान की पूजा के समय दीपक जलाते समय इस बात का ख्याल रखें कि दीपक की बाती पीले रंग की हो। गुरुवार को पीले रंग के इस्तेमाल का विशेष महत्व होता है। इससे भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है।

शनिदेव की पूजा में दीपक

शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित होता है। ऐसे में शनिवार को शनिदेव की पूजा करने और सरसों का तेल अर्पित करने का खास महत्व होता है। लेकिन शनिदेव के सामने दीपक जलाने के दौरान सही तेल और बाती का इस्तेमाल करना जरूरी होता है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक शनिदेव के सामने नीले या काली बत्ती का इस्तेमाल करना चाहिए। वहीं दीपक सरसों या तिल के तिल में जलाना चाहिए। ऐसा करने से शनिदेन प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति के जीवन से दुर्भाग्य दूर हो सकता है। शनिदेव के सामने घी का दीपक कभी नहीं जलाना चाहिए।

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