By अभिनय आकाश | Dec 16, 2024
भारत और चीन के बीच बॉर्डर पर चला आ रहा गतिरोध अब थमता नजर आ रहा है। अब खबर आ रही है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सेनाओं के पीछे हटने के बाद लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने पर चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के आने वाले हफ्तों में चीन का दौरा करने की उम्मीद है। नाम न छापने की शर्त पर लोगों ने बताया कि दोनों पक्ष यात्रा की तारीखें तय करने के लिए काम कर रहे हैं और एनएसए साल के अंत तक या जनवरी की शुरुआत में सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधियों के तंत्र के तहत बातचीत के लिए बीजिंग का दौरा कर सकते हैं।
बीते दिनों चीन ने गलवान घाटी से अपने सैनिकों को हटा दिया। ये तो आप सभी को पता हैं कि गलवान में हुई झड़प के बाद भारत और चीन के रिश्ते बेहद तल्ख हो गए थे। चीन लगातार गलवान में डटा हुआ था। लेकिन चार साल गलवान घाटी में डटे रहने के बाद चीन ने अपने सैनिकों को पीछे हटा लिया। इस गतिरोध के हल के पीछे अजित डोभाल की बड़ी भूमिका थी। 12 सितंबर को वांग यी और डोभाल की सेंट पीटर्सबर्ग में मुलाकात हुई थी। जब दोनों पक्ष उन व्यवस्थाओं को मजबूत कर रहे थे, जिसके कारण 21 अक्टूबर को दो तनावपूर्ण क्षेत्र डेमचोक और देपसांग में अग्रिम पंक्ति के बलों को हटाने पर सहमति बनी थी।
Visit Prabhasakshi for more World News Headlines in Hindi