Travel Tips: नीले जुगनुओं सा चमकता है समंदर, भारत के इन Tourist Destinations पर देखें कुदरत का ये Magic

By अनन्या मिश्रा | Jul 27, 2026

क्या आपने श्रद्धा कपूर की फिल्म 'एक विलेन' देखा है। अगर आपने यह फिल्म देखी होगी, तो आपको वह सीन जरूर याद होगा, जिसमें श्रद्धा एक बीच के किनारे जाती हैं, जहां पर उनको चमकता हुआ समंदर दिखता है। यह समंदर नीले जुगनुओं की तरह चमकते हुए नजर आते हैं। साइंस की भाषा में इसको बायोलुमिनेसेंस कहा जाता है। बता दें कि यह बहुत छोटे समुद्री जीवों के केमिकल रिएक्शन से नीली रोशनी पैदा होती है। जो समुद्र को जुगनुओं की तरह चमका देती है।

इसे भी पढ़ें: Travel Tips: Queen of Hills की ठंडक और Sundarban का रोमांच, Adventure प्रेमियों के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन है पश्चिम बंगाल

हैवलॉक द्वीप

अगर आप बायोलुमिनेसेंस का सबसे बेहतरीन और सबसे साफ नजारा देखना चाहते हैं। तो आपको अंडमान के हैवलॉक द्वीप जाना चाहिए। यहां का फेमस राधानगर बीच रात के समय किसी दूसरी दुनिया में होने का एहसास दिलाता है। जब समुद्र की लहरें रेत से टकराती हैं, तो पानी में मौजूद छोटे जीवों की वजह से किनारों पर नीली रोशनी बिखर जाती है। वहीं अमावस्या की रात में जब आसमान में अंधेरा होता है, तो यह नजारा बेहद खूबसूरत लगता है।

मट्टू बीच

कर्नाटक के उडुपी में स्थित मट्टू बीच अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। यहां पर भी आप बायोलुमिनेसेंस का नजारा देखने के लिए आ सकते हैं। मॉनसून के बाद यहां के समंदर में रात के समय नीली रोशनी को जगमगाते देख सकते हैं। पर्यटकों की भीड़ से यह बीच काफी दूर है। इसलिए यहां का सन्नाटा और अंधेरा बायोलुमिनेसेंस के नजारे को ज्यादा खूबसूरत और साफ बना देता है।

पुडुचेरी

पुडुचेरी के सेरेनिटी बीच और इसके आसपास के तटीय इलाकों में भी आप बायोलुमिनेसेंस देख सकते हैं। खासतौर पर मॉनसून के बाद या फिर भारी बारिश के बाद समंदर के तापमान में बदलाव आता है। वहीं इस दौरान पानी में फाइटोप्लैंकटॉन्स की संख्या भी बढ़ जाती है। इससे रात को समंदर का पानी नीली रोशनी से जगमगा उठता है।

बंगाराम द्वीप

बायोलुमिनेसेंस देखने के लिए आप लक्षद्वीप के बंगाराम द्वीप भी जा सकते हैं। यहां पर आपको भीड़ काफी कम होती है और यहां पर ज्यादा आर्टिफिशियल लाइट्स भी नहीं हैं। इसलिए रात को नीले रंग की रोशनी में चमकता हुआ समुद्र देखने में बेहद खूबसूरत रहता है।

इस बातों का ध्यान रखें

हालांकि बायोलुमिनेसेंस पूरी तरह से पानी के तापमान, मौसम और समुद्र की स्थिति पर भी निर्भर करती है। इसलिए इसको देखने जाने से पहले अच्छे से रिसर्च कर लें। जिससे कि वहां जाने के बाद आपको निराश न होना पड़े।

प्रमुख खबरें

Global Fintech Fest में बोलीं Nirmala Sitharaman: AI से लोकतंत्र और Financial System को खतरा

Services Sector और Exports के दम पर भारत की GDP Growth 7.8% तक पहुंची, IMF ने सराहा

MS Dhoni Mentorship: झारखंड क्रिकेट का नया दौर, दलीप ट्रॉफी जीत से बढ़ी उम्मीदें

Duleep Trophy: Ishan Kishan ने की 15 साल के Vaibhav Suryavanshi के कप्तानी क्षमता की तारीफ