विदेशी कोच के साथ प्रेक्टिस नहीं करना चाहते बजरंग और रवि, जानिए कारण

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 07, 2022

नयी दिल्ली। तोक्यो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता बजरंग पूनिया विदेशी कोच के साथ विदेश में ज्यादा समय नहीं बिताना चाहते इसलिये उन्होंने 2024 पेरिस खेलों की तैयारी के लिये देश में भारतीय कोच के साथ अभ्यास करने का फैसला किया है। बजरंग ही नहीं बल्कि तोक्यो ओलंपिक के रजत पदक विजेता रवि ने भी भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) को बता दिया है कि वे विदेश के निजी कोच रखने के बजाय भारतीय प्रशिक्षकों के साथ अभ्यास करना पसंद करेंगे। बजरंग जार्जिया के शाको बेनटिनिडिस के साथ ट्रेनिंग करते थे जबकि रवि के पास रूस के कमाल मालिकोव थे, जिनके साथ भारतीय कोच भी छत्रसाल स्टेडियम में उनकी मदद करते थे। बजरंग बेनटिनिडिस के साथ संबंध खत्म करने के बाद विदेशी कोच ढूंढने की कोशिश कर रहे थे लेकिन उन्हें कोई कोच नहीं मिला। रूस में उनके मौजूदा अभ्यास शिविर के दौरान भी वह कोच ढूंढ रहे थे और 27 वर्षीय पहलवान के अनुसार कोई भी भारत आने को तैयार नहीं हुआ।

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डब्ल्यूएफआई के सहायक सचिव विनोद तोमर ने कहा, ‘‘रवि और अधिक ट्रेनिंग जोड़ीदार चाहता हैं। हम गोंडा में रैंकिंग सीरीज प्रतियोगिता के दौरान उसके वर्ग में किसी को देखेंगे। ’’ उम्मीद है कि दीपक पूनिया भी अपने लंबे समय के ट्रेनर वीरेंद्र कुमार के साथ ट्रेनिंग जारी रखने को तरजीह देंगे जिन्होंने दिल्ली के बाहरी इलाके मरमूरपुर में नया ट्रेनिंग केंद्र बनाया है। देश में कोविड-19 की तीसरी लहर आने का खतरा बना हुआ है तो डब्ल्यूएफआई को भी राष्ट्रीय शिविरों के लिये विदेशी कोच नियुक्त करने में मुश्किल हो रही है। तोमर ने कहा, ‘‘कोई भी कोविड-19 के कारण भारत की यात्रा करने का इच्छुक नहीं है इसलिये हमारे भारतीय कोच के साथ ही फरवरी में राष्ट्रीय शिविर शुरू करने की उम्मीद है।

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