By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 04, 2026
तिरुवनंतपुरम, चार नवंबर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को कहा कि न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया पर आगे बढ़ने से पहले वह राजनीतिक दलों के नेताओं से परामर्श करेंगे और संबंधित नियमों की समीक्षा करेंगे। जांच समिति ने न्यायमूर्ति वर्मा को उनके आधिकारिक आवास पर नकदी मिलने के मामले में दोषी पाया है। बिरला ने यहां एक सम्मेलन से इतर संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम नियमों को देखेंगे और उनकी जांच करेंगे।
उनका नाम अब भी उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सूची में है। अलग-अलग राजनीतिक दलों के करीब 200 सांसदों ने संसद के माध्यम से उन्हें पद से हटाने की मांग की थी, जिसके बाद जांच समिति गठित की गई। न्यायमूर्ति वर्मा के दिल्ली स्थित आधिकारिक आवास पर 14 मार्च 2025 की रात आग लग गई थी।
आग बुझाने पहुंचे दमकलकर्मियों को कथित तौर पर एक भंडार कक्ष में जली हुई नकदी की बड़ी मात्रा मिली थी। इसके बाद उन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय से इलाहाबाद उच्च न्यायालय स्थानांतरित कर दिया गया था। तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना ने मार्च 2025 में मामले की आंतरिक जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी।
समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद उन्होंने न्यायमूर्ति वर्मा से इस्तीफा देने या महाभियोग की कार्रवाई का सामना करने को कहा था।