By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 29, 2026
ओएनजीसी के निदेशक (अन्वेषण) ओम प्रकाश सिन्हा ने सोमवार को कहा कि ई20 पेट्रोल से आयात में उल्लेखनीय कमी लाने और आत्मनिर्भरता को काफी हद तक बढ़ाने में मदद मिल सकती है। सिन्हा ने अहमदाबाद में ओएनजीसी इंस्टीट्यूट ऑफ रिजर्वायर स्टडीज में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक (आईईडब्ल्यू) 2027 के सोमवार को आयोजित ‘कर्टन रेजर’ कार्यक्रम में कहा, ‘‘ई20 पेट्रोल एक चुनौती है, लेकिन प्रौद्योगिकी के साथ इसका समाधान भी निकलेगा। हम करीब 90 प्रतिशत आयात करते हैं।
अहमदाबाद के कार्यक्रम में सिन्हा ने कहा कि भारत में ऊर्जा की अतिरिक्त आवश्यकता दुनिया में सबसे अधिक है, जिससे ऊर्जा संबंधी जरूरतों, समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा के लिए आईईडब्ल्यू एक महत्वपूर्ण मंच बन जाता है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच देश विदेशी स्रोतों पर अपनी निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं। सिन्हा ने पत्रकारों से कहा, ‘‘युद्ध के कारण आज हर देश समझता है कि हमें विदेशी देशों पर अपनी निर्भरता जितना संभव हो सके उतना कम करनी चाहिए।
हमारे पास केवल एक विकल्प नहीं होना चाहिए। हमें कई विकल्प रखने चाहिए। अगर कोई एक रास्ता बंद हो जाता है, तो हमारे पास वैकल्पिक रास्ते होने चाहिए, ताकि हमारे लोगों की जरूरतें प्रभावित न हों।
इस दिशा में पहले से ही काम किया जा रहा है।’’ उन्होंने कहा कि घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए ओएनजीसी गहरे पानी वाले क्षेत्रों समेत सीमांत और कम खोजे गए क्षेत्रों पर अपना ध्यान बढ़ा रहा है। विज्ञप्ति के अनुसार, आईईडब्ल्यू के 2027 संस्करण में 75,000 से अधिक ऊर्जा क्षेत्र के पेशेवरों और 700 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शकों के शामिल होने की उम्मीद है। इससे नवाचार प्रदर्शित करने, रणनीतिक संवाद को बढ़ावा देने और दीर्घकालिक साझेदारी बनाने के लिए एक बड़ा मंच तैयार होगा।
इसमें कहा गया कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के संरक्षण में और फेडरेशन ऑफ इंडियन पेट्रोलियम इंडस्ट्री (एफआईपीआई) द्वारा आयोजित आईईडब्ल्यू भारत का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा मंच बन गया है। इसमें वैश्विक ऊर्जा मूल्य श्रृंखला से जुड़े नीति निर्माता, कारोबारी, नवोन्मेषक और निवेशक शामिल होते हैं। कार्यक्रम में वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य को आकार देने वाली महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिनमें ऊर्जा सुरक्षा, किफायती होना, स्थिरता, कार्बन उत्सर्जन में कमी और तकनीकी नवाचार शामिल हैं।
विज्ञप्ति के अनुसार, आईईडब्ल्यू 2027 में नवीकरणीय ऊर्जा, हाइड्रोजन, जैव ईंधन, एलएनजी, सिटी गैस वितरण, पेट्रोरसायन, डिजिटलीकरण और कृत्रिम मेधा (एआई), मेक इन इंडिया तथा शुद्ध शून्य समाधान जैसे प्रमुख क्षेत्रों को शामिल करने वाले विशेष सत्र भी होंगे। इनमें पारंपरिक और नए ऊर्जा परिवेश में उभरती प्रौद्योगिकियों तथा अवसरों को प्रदर्शित किया जाएगा।