क्या बंगाल में ममता को 'खेला' से ही जवाब देगी BJP? ऑपरेशन लोटस से कैसे बचेगी TMC?

By नीरज कुमार दुबे | Aug 11, 2022

क्या अब पश्चिम बंगाल में चल रहा है ऑपरेशन लोटस? यह सवाल इसलिए उठा है क्योंकि पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि इस साल दिसंबर के बाद राज्य में तृणमूल कांग्रेस सरकार का अस्तित्व नहीं रहेगा। यही नहीं शुभेंदु अधिकारी ने यह भी दावा किया है कि 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों के साथ ही पश्चिम बंगाल में विधानसभा के चुनाव भी कराये जायेंगे। शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व मेदिनीपुर जिले के तामलुक में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि राज्य से तृणमूल कांग्रेस सरकार को हटाने की तैयारी की जा रही है। जब संवाददाताओं ने ज्यादा कुरेद कर बात की तो भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ‘‘कुछ महीने रुकिए, यह सरकार पश्चिम बंगाल में सत्ता में नहीं रहेगी।'' 

इसे भी पढ़ें: 'ममता के बाद नीतीश चले हैं प्रधानमंत्री बनने', दिलीप घोष ने बिहार CM पर कसा तंज, बोले- अब लड़ाई तो दोनों नेताओं में होगी

शुभेंदु अधिकारी के दावों को तृणमूल कांग्रेस हंसी में तो उड़ा रही है लेकिन उसे ध्यान रखना चाहिए कि अभी कुछ समय पहले फिल्म अभिनेता और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती ने दावा किया था कि तृणमूल कांग्रेस के 38 विधायक उनके सीधे संपर्क में हैं। पश्चिम बंगाल के राजनीतिक हालात को देखें तो साफ प्रतीत होता है कि जिस तरह पार्थ चटर्जी मामले से तृणमूल कांग्रेस सरकार की छवि खराब हुई है उसको देखते हुए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की चिंता बढ़ी है। यही नहीं हाल ही में ममता बनर्जी ने जब अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया तो जो लोग मंत्री नहीं बन पाये या जिनकी मंत्री पद से छुट्टी कर दी गयी है वह भी नाराज बताये जा रहे हैं।

यही नहीं, तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता अब अपने ही नेताओं के खिलाफ आरोप लगाने और उनके घरों पर तोड़फोड़ करने पर भी उतर आये हैं। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में तृणमूल कांग्रेस के विधायक इदरीस अली के घर पर उनकी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की और आरोप लगाया कि उन्होंने पार्टी के स्थानीय संगठन में पदों के आवंटन के लिए धन लिया। हालांकि इदरीस अली ने आरोप को निराधार बताते हुए दावा किया है कि टीएमसी के कुछ स्थानीय नेता संदिग्ध पृष्ठभूमि वाले लोगों को पार्टी के ब्लॉक-स्तरीय संगठन में लाने की कोशिश कर रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: उद्धव के सामना की कमान संभालते ही बदले तेवर, NCP-ममता बनर्जी पर साधा निशाना

बहरहाल, पश्चिम बंगाल में ऑपरेशन लोटस सफल रहता है या नहीं यह तो वक्त ही बतायेगा। फिलहाल तो तृणमूल कांग्रेस बिहार के घटनाक्रम से खुश है। पार्टी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एनडीए से अलग होने के कदम का स्वागत किया है। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा के साथ गठबंधन में रहकर कोई दल अपनी पहचान की रक्षा नहीं कर सकता क्योंकि भाजपा की ‘‘सब कुछ हड़प लेने की राजनीति’’ क्षेत्रीय दलों के अस्तित्व में भरोसा नहीं करती। तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि वह पड़ोसी राज्य के राजनीतिक घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है। लेकिन देखा जाये तो तृणमूल कांग्रेस को यह नजर दिसंबर तक अपने यहां भी तेजी से बनाये रखनी होगी क्योंकि तब तक भाजपा गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनावों की व्यस्तता से मुक्त हो चुकी होगी।

-नीरज कुमार दुबे

प्रमुख खबरें

राहुल गांधी का अमित शाह पर पलटवार, लेक्चर सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं, छात्रों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया

UP News: हमीरपुर में जर्जर सड़क के खिलाफ Gen Alpha का हल्लाबोल, कलेक्ट्रेट पर DM Gate के बाहर डटे छात्र

Ajinkya Rahane Test Debut as Commentator: मैदान के बाद अब Commentary Box में दिखेगा भारतीय दिग्गज का जलवा

BCCI की पहल, Afghanistan क्रिकेट को मिला सहारा, Delhi में भारत के खिलाफ होंगे T20I मैच