"ऑपरेशन सिंदूर" भारतीय वीरों की पाक को दो टूक "छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं, घर में घुसकर मारेंगे"

By दीपक कुमार त्यागी | May 08, 2025

7 मई की सुबह जब देशवासियों की आंखें नींद से खुली, तो देश व दुनिया की मीडिया व सोशल मीडिया के प्लेटफार्म भारत की शौर्य गाथा को बयान कर रहे थे, मीडिया के माध्यम से दुनिया को पता चला कि मां भारती के वीर सपूतों ने एक बार फिर से पाक व पीओके में एयर स्ट्राइक कर दी है, भारत के वीरों ने पाकिस्तान में आतंकवादियों के ठिकानों पर जमकर के कहर बरपाने का कार्य कर दिखाया है। सूर्य उदय के साथ दिन ही देश व दुनिया में भारत की आतंकियों के ख़िलाफ़ की गयी बड़ी कार्रवाई "ऑपरेशन सिंदूर" की गूंज जमकर सुनाई दे रही है। मां भारती के वीर सपूतों की टोली ने 22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पहलगाम की "बैसरन घाटी" में पाकिस्तान के पिट्ठूओं आतंकियों के द्वारा पर्यटकों पर हमला करके की गयी कायराना हरकत का मूंह तोड़ ज़वाब देने का कार्य वीरता के साथ किया है। लेकिन भारत के वीर सपूतों की पाक परस्त आतंकवादियों के ख़िलाफ़ की गयी इस बहुत बड़ी कार्रवाई पर भारत सरकार की अधिकारिक मौहर लगना अभी भी बाकी था, इस ज्वलंत मसले पर पूरी दुनिया भारत सरकार के आधिकारिक रुख को देखना चाहती थी।

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"प्रेस ब्रीफिंग में विदेश सचिव विक्रम मिस्री के द्वारा कही गई बातों का मूल सार यह है कि “पहलगाम में हमला अत्यंत बर्बरतापूर्ण था, जिसमें पीड़ितों को बहुत नजदीक से सिर में गोली मारकर और उनके परिवार के सामने मारा गया, इस आतंकी घटना के पीड़ितों के माध्यम से आतंकियों के द्वारा मोदी सरकार को संदेश देने को कहा गया, यह हमला स्पष्ट रूप से कश्मीर में सामान्य स्थिति को कमजोर करने के उद्देश्य से व देश में दंगा फ़साद करवाने के उद्देश्य से किया गया था।” 

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि भारत सरकार ने यह जरूरी समझा कि पहलगाम हमले के साजिशकर्ताओं और साजिशकर्ताओं को न्याय के कटघरे में लाया जाए। लेकिन एक पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी पाकिस्तान की ओर से अपने क्षेत्र में चल रहे आतंकवादी ढांचे के खिलाफ कोई भी ठोस कदम धरातल पर नहीं उठाया गया। जिसके चलते ही भारत सरकार ने पाकिस्तान व पीओके में छिपकर बैठे आतंकियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करते हुए "ऑपरेशन सिंदूर" के अंतर्गत लक्षित ठिकानों पर एयर स्ट्राइक करने का कार्य करके दुश्मनों के ठिकानों को ध्वस्त कर दिया।

प्रेस ब्रीफिंग में विदेश सचिव विक्रम मिस्री, कर्नल सोफिया कुरैशी व विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने यह साफ कर दिया कि भारत के जांबाजों ने पीओके में की गयी 9 ठिकानों एयर स्ट्राइक में पहलगाम आतंकी हमले के साथ-साथ मुंबई हमले से लेकर के अन्य तमाम हमलों का हिसाब बराबर करने का कार्य किया है। 

उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान आतंकवादियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बना हुआ है। प्रेस ब्रीफिंग के दौरान भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी व विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने एयर स्ट्राइक के वारे में विस्तार से बताते हुए देश व दुनिया को यह भी बताया कि आखिर भारतीय सेना ने पाकिस्तान व पीओके के 9 ठिकानों को ही निशाना क्यों बनाया है। उन्होंने बताया कि "ऑपरेशन सिंदूर" पहलगाम हमले के पीड़ितों को न्याय देने के लिए चलाया गया, यह ऑपरेशन 6-7 मई 2025 की रात 1.05 से 1.30 बजे तक कुल 25 मिनट तक चला, जिसके माध्यम से आतंकियों के ट्रेनिंग सेंटर, लॉन्च पैड को भारतीय जांबाजों ने हमला करके तबाह करने का कार्य किया। उन्होंने बताया कि हमने उन आतंकी ठिकानों पर भी हमला किया है, जहां कसाब, हेडली ने ट्रेनिंग ली थी। उन्होंने दुनिया को यह भी बताया की हमने पाकिस्तान ने किसी भी सैन्य या नागरिक ठिकानों को निशाना नहीं बनाया है। हमने एयर स्ट्राइक के माध्यम से पाक व पीओके में फल-फूल रहे आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाकर नष्ट किया है। यहां आपको बता दें कि आतंकवादियों की सुरक्षित पनाहगाह पीओके व पाकिस्तान में पाक हुक्मरानों की कृपा से आतंकवादियों की ट्रेनिंग के लिए पिछले कई दशकों में बड़े पैमाने पर इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है, जो निर्माण कार्य अब भी बेख़ौफ़ निरंतर जारी है।

"ऑपरेशन सिंदूर" के तहत भारतीय सशस्त्र बलों के द्वारा पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (पीओके) व पाकिस्तान में बने बेहद अहम आतंकवादी ठिकानों का ध्वस्त किया गया है, भारत ने सबसे पहले सवाई नाला कैंप मुजफ्फराबाद जोकि एलओसी से लगभग 30 किमी दूर है और लश्कर तैयबा को ट्रेनिंग सेंटर है, उसको तबाह करने का कार्य किया, इस कैंप में ही 20 अक्तूबर 2024 सोनमर्ग, 24 अक्तूबर 2024 गुलमर्ग, 22 अप्रैल 2025 पहलगाम हमले के  आतंकियों ने ट्रेनिंग ली थी।

मुजफ्फराबाद स्थित सैयदना बिलाल कैंप, जैश ए मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है, यहां से आतंकियों को जंगल ट्रेनिंग और हथियार आदि मुहैया कराये जाते थे।

गुलपुर कैंप, कोटली में लश्कर का बेस कैंप था, जो राजौरी और पुंछ में सक्रिय था, यही पर 20 अप्रैल 2023 पुंछ और 9 जून 2024 तीर्थयात्रियों को बस हमले के आतंकियों को ट्रेनिंग दी गयी थी। 

अब्बास कैंप कोटली में लश्कर की फिदायीन टीम तैयार होती थी, जिसको तबाह कर दिया गया है।

बरनाला कैंप, यह एलओसी के निकट स्थित आतंकियों का एक महत्वपूर्ण लॉन्च पैड है, यहां से अकसर आतंकियों को भारत में घुसपैठ कराई जाती है। देश में  कई आतंकी हमलों में शामिल आतंकी यही से निकले हैं। 

भारतीय जांबाजों ने पाकिस्तान के सियालकोट में स्थित सरजल कैंप पर भी एयर स्ट्राइक की है, इस कैंप से ट्रैंड किये गये आतंकियों ने ही मार्च 2025 में जम्मू और कश्मीर पुलिस के चार जवानों की हत्या की थी।

महमूना जोया कैंप, सियालकोट

यहां पर हिजबुल मुजाहिदीन का बहुत बड़ा कैंप था, जो कठुआ व जम्मू आदि क्षेत्र में आतंक फैलाने का एक महत्वपूर्ण कंट्रोल रूम था, पंजाब स्थित पठानकोट एयरबेस पर हमला का यहीं प्लान किया गया था।

मरकज तैयबा, मुरीदके में 2008 के मुंबई हमले के आतंकियों ने ट्रेनिंग ली थी, अजमल कसाब और डेविड हेडली जैसे आतंकी यहीं ट्रैंड किये गये थे।

मरकज सुभान अल्लाह, बहावलपुर, जैश-ए-मोहम्मद का हैडक्वार्टर था, इस कैंप में आतंकियों की भर्ती करके उन्हें ट्रेनिंग दी जाती थी।

सूत्रों से खबर आ रही हैं कि भारत वीरों की एयर स्ट्राइक से पीओके व पाकिस्तान के आतंकी कैंपों में भयंकर तबाही हुई है, वहां पर बड़े पैमाने पर जान-माल का नुक़सान हुआ है। आतंकी हाफिज सईद के परिवार के 10 सदस्य मारे गये है।

जिस वीरता के साथ आधी रात को भारतीय सेना के वीरों ने "ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की 9 जगह पर स्थित 21 ठिकानों को एयर स्ट्राइक करके ध्वस्त करते हुए शौर्य गाथा लिखने का कार्य किया है वह काबिले-तारीफ है। "ऑपरेशन सिंदूर" का उद्देश्य भारत के खिलाफ पीओके व पाकिस्तान में चल रही आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करने वाले आतंकवादी ठिकानों का नष्ट कर करते हुए आतंकियों के आका पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाना था।

यहां हमें यह भी याद रखना चाहिए कि जिस तरह 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की "बैसरन घाटी" में धर्म पूछ करके 26 निर्दोष पर्यटकों की निर्ममता से हत्या की गयी थी, उसमें 25 पुरुष पर्यटकों की उनकी पत्नियों के सामने ही जघन्य हत्या कर दी गई थी। पहलगाम में हुए बर्बर हमले के बाद भारतीय सेना की यह एयर स्ट्राइक आतंकियों पर जवाबी कार्रवाई है जिसके चलते ही लगता है कि इस "ऑपरेशन" का नाम "सिंदूर" रखा गया है। "ऑपरेशन सिंदूर" के माध्यम से भारत के जांबाजों ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि भारत को छेड़ोगे तो हम छोड़ेंगे नहीं बल्कि घर में घुसकर मारेंगे।

- दीपक कुमार त्यागी

अधिवक्ता, स्तंभकार व राजनीतिक विश्लेषक

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