ऑपरेशन सिंदूर स्वराज की रक्षा के लिए प्रतिबद्धता का बेहतरीन उदाहरण, पुणे में बोले अमित शाह

By अंकित सिंह | Jul 04, 2025

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि भारत के सशस्त्र बल और नेतृत्व 'स्वराज' या देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यह बहुत अच्छे ढंग से प्रदर्शित हुआ। पुणे में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में मराठा राजनेता और जनरल पेशवा बाजीराव प्रथम की घुड़सवार प्रतिमा के अनावरण के बाद बोलते हुए, भाजपा नेता ने यह भी कहा कि जब भी वह नकारात्मक विचारों से ग्रस्त होते हैं, तो उन्हें छत्रपति शिवाजी महाराज और बाजीराव की याद आती है।

उन्होंने कहा कि तीनों सेनाओं के प्रमुख जहाँ से अभ्यास करके निकलते हैं, उस नेशनल डिफेंस अकादमी में श्रीमंत बाजीराव की मूर्ति लगने से जो प्रेरणा मिलेगी, उससे भारत की सीमाओं को कोई छू नहीं पाएगा। शाह ने कहा कि युद्ध की कला के कुछ नियम कभी कालबाह्य नहीं होते...युद्ध में व्यूह रचना का महत्त्व, त्वरा का महत्त्व, समर्पण का भाव, देशभक्ति का भाव और बलिदान का भाव...यही सेनाओं को विजय दिलाते हैं, बस हथियार बदलते रहते हैं...और इन सभी गुणों का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण 500 वर्षों के भारतीय इतिहास में केवल श्रीमंत बाजीराव पेशवा में ही मिलता है। 

अमित शाह ने कहा कि जब पूरा दक्षिण भारत आदिलशाही, कुतुबशाही, निजामशाही और इमादशाही से पीड़ित था और उत्तर भारत मुगलों के अधीन था... ऐसे समय में एक 12 साल के बालक ने देश को स्वतंत्र कराने और हिन्दवी स्वराज की स्थापना का संकल्प लिया... शिवाजी महाराज जी की यह वीरता अकल्पनीय है। उन्होंने युवाओं के मन में स्वराज के संस्कार भरने का काम किया। शिवाजी महाराज जी के बाद धर्मवीर संभाजी महाराज, वीर ताराबाई, धनोजी-संतोजी — कई सारे लोगों ने शिवाजी महाराज की परंपरा को आगे बढ़ाया

इसे भी पढ़ें: Maharashtra: अमित शाह का पुणे दौरा, यातायात प्रतिबंधों के कारण कई स्कूल बंद

शाह ने कहा, ‘‘जब भी मेरे मन में नकारात्मक विचार आते हैं, तो मैं आमतौर पर बाल शिवाजी और पेशवा बाजीराव के बारे में सोचता हूं कि वे प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच ‘स्वराज’ स्थापित करने में सक्षम रहे।’’ शाह ने कहा कि स्वराज की रक्षा करने की जिम्मेदारी अब 140 करोड़ भारतीयों पर है। उन्होंने कहा, ‘‘जब स्वराज की स्थापना के लिए लड़ाई लड़ने का समय आया तो हमने ऐसा किया। जब स्वराज की रक्षा के लिए लड़ाई की आवश्यकता होगी तो हमारी सेना एवं नेतृत्व निश्चित रूप से ऐसा करेंगे और ऑपरेशन सिंदूर इसका सबसे अच्छा उदाहरण था।’’

प्रमुख खबरें

उत्तराखंड में Rajya Sabha Seat के लिए BJP ने शुरू की 24 नामों पर चर्चा

एशियाई खेलों में Elavenil Valarivan ने जीता रजत, ओलंपिक चैम्पियन को हराकर बढ़ा आत्मविश्वास

Dr Virendra Kumar और Rekha Gupta ने दिल्ली में 62 दिव्यांग प्रतिभाओं को किया सम्मानित

Attica Gold पर ED का एक्शन, चोरी का सोना खरीदने के आरोप में 16 ठिकानों पर तलाशी