By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 27, 2019
नयी दिल्ली। माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने वामदलों सहित समूचे विपक्ष की चुनाव में करारी हार के पीछे भाजपा द्वारा 50 प्रतिशत वोट हासिल करने के लिये चुनाव लड़ने जैसे दावों से गढ़ी गयी धारणाओं को मुख्य वजह बताते हुये कहा कि विपक्ष इन धारणाओं को तोड़ने में नाकाम रहा। येचुरी ने सोमवार को माकपा पोलित ब्यूरो की बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि भाजपा 50 प्रतिशत वोट हासिल करने के दावे के साथ चुनाव में उतरी थी और कम से कम 200 सीट पर भाजपा को लगभग 50 प्रतिशत वोट हासिल भी हुये। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि विपक्ष भाजपा के इस तरह के दावों से जनता के बीच उपजी धारणाओं को तोड़ने में नाकाम रहा।
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पोलित ब्यूरो ने स्वीकार किया कि पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और केरल में पार्टी की करारी हार, पार्टी के लिये बड़ा नुकसान है। इसकी समीक्षा के पोलित ब्यूरो ने पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा सहित अन्य राज्यों की प्रदेश इकाईयों से माकपा केन्द्रीय समिति की बैठक में चुनाव परिणाम की समीक्षा रिपोर्ट पेश करने को कहा है। उल्लेखनीय है कि चुनाव में माकपा को सिर्फ तीन सीट और वाममोर्चा को पांच सीट ही मिल सकी है। माकपा को केरल में एक और तमिलनाडु में दो और भाकपा को तमिलनाडु मेंदो सीट मिली है। उन्होंने कहा कि पोलित ब्यूरो ने पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में चुनाव से पहले भय और आतंक के वातावरण पर भी बैठक में चर्चा की। येचुरी ने कहा कि दोनों राज्यों में वाम दलों के समर्थकों को निशाना बनाते हुये हिंसा और भय का वातावरण बनाया गया। येचुरी ने कहा कि चुनाव परिणाम के सभी पहलुओं और हार के कारणों पर चर्चा कर केन्द्रीय समिति पार्टी की आगे की रणनीति बनायेगी।