By अभिनय आकाश | Aug 10, 2026
पूरी दुनिया इस वक्त भारत और रूस की यारी से हैरान है और हैरानी भी क्यों ना हो भारत और रूस ने एक के बाद एक ऐसे कदम उठाए हैं जिसने दुनिया की महाशक्ति अमेरिका और भारत के पड़ोस में भारत को आंख दिखाने वाले चीन को हर बार चौकाया है और इसमें व्लादमीर पुतिन ने हमेशा भारत का साथ दिया है। अब वाशिंगटन के पेंटागन में हड़कंप है जो ट्रंप की रातों की नींद उड़ा चुकी है और इस्लामिक नाटो के मुल्क भी सन्न रह गए हैं। क्योंकि पुतिन ने भारत के साथ मिलकर वो सुपर प्लान एक्टिवेट कर दिया है जिसे अमेरिका या चीन अपना सबसे बुरा सपना मानते थे। जब पश्चिमी देशों ने समंदर में घेराबंदी की, जब रूस के खिलाफ बिल पास किए गए तो पुतिन ने पन्नों पर नहीं बल्कि जमीन के सीने पर अपनी ताकत दिखा दी।
रूस का सस्ता तेल, गैस और कोयला जब इन इस्लामिक देशों को चीरता हुआ भारत पहुंचेगा तो अमेरिका का इंडोपेसिफिक वाला पूरा प्लान धरा का धरा रह जाएगा। यह इस्लामिक नाटो और पश्चिमी गठबंधन के बीच भारत का वो धमाका है जिसकी गूंज अब दशकों तक सुनाई देगी। भारत ने अमेरिका को ठेंगा दिखाकर रूस से 55% तेल खरीदना शुरू कर दिया है। 2030 तक भारत और रूस 100 अरब डॉलर का व्यापार करने वाले हैं। अमेरिका ने तेल के जहाजों पर बैन लगाया तब पुतिन ने ट्रेन की पटरिया बिछाने की तैयारी कर ली। एक बार यह रेल मार्ग शुरू हुआ तो समंदर में तैनात अमेरिकी जंगी जहाज सिर्फ धुआं फकेंगे और रूस की ऊर्जा शक्ति सीधे भारत के कारखानों को दहाड़ने की ताकत देगी। यह सुपर पावर भारत और महाशक्ति रूस का वो गठबंधन है जिसने पश्चिमी दुनिया की उल्टी गिनती शुरू कर दी है।
तब डॉलर की दादागिरी खत्म हो जाएगी। तब समुद्री लुटेरों का डर खत्म हो जाएगा और तब खत्म हो जाएगा अमेरिका का वो घमंड कि वो किसी भी देश की सप्लाई लाइन काट सकता है। चीन भी इस रेल मार्ग के पीछे खड़ा है क्योंकि उसे पता है कि अगर यह रूट बन गया तो अमेरिका का वर्चस्व हमेशा हमेशा के लिए दफन हो जाएगा।