By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 21, 2017
राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने जर्मनी की वाहन कंपनी फाक्सवैगन को देश में 3.23 लाख से अधिक वाहनों को वापस मंगाने के लिये रूपरेखा पेश करने को कहा है। फाक्सवैगन उत्सर्जन घोटाले में फंसी है। फाक्सवैगन इंडिया ने उत्सर्जन साफ्टवेयर को दुरूस्त करने के लिये दिसंबर 2015 में 3,23,700 लाख वाहनों को वापस मंगाने की घोषणा की थी। इससे पहले, आटोमेटिव रिसर्च एसोसिएशन आफ इंडिया (एआरएआई) ने कंपनी के कुछ मॉडलों का परीक्षण किया था और पाया कि सड़कों का कारों से उत्सर्जन उत्सर्जन बी-4 मानकों की तुलना में 1.1 गुना से 2.6 गुना अधिक है।
इस पर न्यायाधीश जवाद रहीम की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘‘प्रतिवादी सवालों में घिरे वाहनों को वापस मंगाये जाने के संदर्भ में रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे। इस बीच, हम एआरएआई को वाहन वापस मंगाये जाने के बारे में मौजूदा स्थिति के संदर्भ में रपोर्ट देने का निर्देश देते हैं।’’ पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिये 10 मार्च की तारीख मुकर्रर की। न्यायाधिकरण शिक्षक सलोनी एलावाडी और कुछ अन्य शहर के निवासियों की याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है जिसमें उत्सर्जन नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर वाहनों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया गया है।