By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 03, 2022
नयी दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर के बिल्डरों को अपने 1.01 लाख खाली पड़े (अनसोल्ड) फ्लैटों को बेचने में करीब छह साल लगेंगे। संपत्ति सलाहकार कंपनी प्रॉपटाइगर ने यह राय जताई है। प्रॉपटाइगर का हालांकि मानना है कि बेंगलुरु और कोलकाता के बिल्डर अपने बिना बिके मकानों को 31 माह में बेच सकेंगे। ऑस्ट्रेलिया के आरईए समूह और न्यूज कॉर्प के स्वामित्व वाले तीन रियल एस्टेट पोर्टल हाउसिंग.कॉम, प्रॉपटाइगर और मकान.कॉम सलाहकार और ब्रोकरेज सेवाएं प्रदान करते हैं। प्रॉपटाइगर के ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत के आठ प्रमुख शहरों में बिल्डरों के पास 31 मार्च, 2022 तक करीब 7,35,852 आवासीय इकाइयां ऐसी थीं, जो बिक नहीं पाई हैं। पिछले साल मार्च में ऐसे फ्लैटों की संख्या 7,05,344 थी।
हैदराबाद में 73,651 घर खाली पड़े हैं। इनकी बिक्री में 42 महीने का समय लगने का अनुमान है। मुंबई और पुणे में बिना बिकी आवासीय इकाइयों की संख्या क्रमश: 2,55,814 (बेचने में 48 महीने का समय लगेगा) और 1,18,321 (32 महीने का समय) है। दिल्ली-एनसीआर के बाजार में खाली पड़े फ्लैटों की संख्या 1,01,404 इकाई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बिल्डरों को इन फ्लैटों को बेचने में छह साल से अधिक यानी 73 महीने का समय लगेगा। पिछले सप्ताह प्रॉपटाइगर ने कहा था कि आठ प्रमुख शहरों में जनवरी-मार्च के दौरान घरों की बिक्री साल-दर-साल आधार पर सातप्रतिशत बढ़कर 70,623 इकाई हो गई है।