कश्मीर में टारगेट किलिंग पर ओवैसी का बयान, जो गलती 1989 में हुई थी, वही मोदी सरकार दोहरा रही

By अंकित सिंह | Jun 02, 2022

हाल के दिनों में जम्मू कश्मीर में टारगेट किलिंग के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। आतंकियों ने कई आम लोगों को अपना निशाना बनाया है। इन सब के बीच अब विपक्ष मोदी सरकार पर कश्मीर में बढ़ते टारगेट किलिंग के मामले को लेकर हमलावर हो गया है। दरअसल, आज ही जम्मू कश्मीर के कुलगाम में एक बैंक मैनेजर की हत्या कर दी गई है। बैंक मैनेजर राजस्थान का रहने वाला था। अब इसी को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मोदी सरकार पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। ओवैसी ने कहा कि मोदी सरकार इतिहास से सीख नहीं ले रही है जो गलती 1989 में हुई थी वहीं गलती नरेंद्र मोदी की सरकार वापस से कर रही है। 1989 में भी राजनीतिक आउटलेट बंद कर दिया गया था और घाटी (कश्मीर) के राजनेताओं को बोलने की अनुमति नहीं थी। 

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कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई ने घाटी में राजस्थान के एक बैंक कर्मचारी की आतंकवादियों द्वारा हत्या किए जाने की निंदा की और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में कथित विफलता के लिए केंद्र की आलोचना की। आंतकवादियों ने दो दिन पहले 31 मई को जम्मू के सांबा जिले की हिंदू शिक्षिका रजनी बाला की कुलगाम जिले के गोपालपुर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। इससे पहले 12 मई को राहुल भट की बडगाम जिले की चदूरा तहसील में तहसीलदार कार्यालय के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कश्मीर में एक मई महीने से लोगों को निशाना बनाकर हत्या करने के आठ मामले सामने आए हैं। इनमें पांच नागरिक और तीन पुलिसकर्मी शामिल थे। ये पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनात नहीं थे।

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