By अजय कुमार | Sep 02, 2021
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे ही सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी एक बार फिर उत्तर प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। वे भी अपने तीन दिवसीय दौरे की शुरुआत अयोध्या दौरे से ही करेंगे।
दरअसल, उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में अब बहुत ज्यादा वक्त नहीं बचा है। ऐसे में ओवैसी उत्तर प्रदेश के सियासी समर में कोई भी मौका छोडऩा नहीं चाहते। असदुद्दीन ओवैसी उत्तर प्रदेश में संकल्प भागीदारी मोर्चा के तहत चुनाव लडऩे की तैयारी कर रहे हैं। उनके साथ ओमप्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा चुनाव लड़ रही है। हालांकि अब तक कई बिंदुओं पर दोनों ही पार्टी के बड़े नेताओं में कई विरोधाभास भी सामने आए हैं। कभी ओपी राजभर जाकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात कर लेते हैं और यह बात कह देते हैं कि राजनीति में कुछ भी सम्भव है। इसके बाद ओवैसी की पार्टी को सफाई देनी पड़ती है। कभी ओवैसी की पार्टी की तरफ से इस बात का ऐलान कर दिया जाता है कि वह यूपी की 100 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। तो ऐसे में सुभासपा भी यह कहती है कि अभी सीटों पर कोई भी फाइनल मोहर नहीं लगी है। हालांकि ओवैसी और ओमप्रकाश राजभर इस बात को बार-बार कहते रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर किसी भी पार्टी के साथ वह जाने को तैयार हैं ।
बता दें कि यूपी विधानसभा चुनाव में इस बात का भी एहसास साफ हो जाएगा कि मुस्लिम छवि की एआईएमआईएम पार्टी को यूपी के मुसलमान कितना पसंद या नापसंद करते हैं। हाल के पश्चिम बंगाल के हुए विधानसभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी को कुछ ज्यादा हाथ नहीं लगा था। तो क्या ओवैसी उत्तर प्रदेश में अपनी जड़ें जमाने में कामयाब हो पाएंगे, क्योंकि इससे पहले ओवैसी बहराइच और पूर्वांचल के कई जिलों के दौरे पर रह चुके हैं।