मंदसौर जिला अस्पताल में लगेगा ऑक्सीजन प्लांट, नहीं होगी ऑक्सीजन की किल्लत

By दिनेश शुक्ल | Dec 22, 2020

मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में जल्द ही ऑक्सीजन का उत्पादन होने लगेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने कोविड आईसीयू के बाहर कक्ष तैयार करना शुरू कर दिया है।विद्युत विभाग द्वारा 70 किलो वॉट का ट्रांसफार्मर भी लग गया है। अब केवल मशीन का इंतजार है। मशीन आते ही उसे क्रेन के माध्यम से उपर से कक्ष में रखा जाएगा। इसके बाद छत पर पतरे लगाकर ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा।

 

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डॉ. ए.के. गुलाटी, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल ने चर्चा करते हुए बताया कि जिले में ऑक्सीजन प्लांट के लिए पूरी तैयारी हो गई है। ऑक्सीजन बनाने की मशीन शासन स्तर से आना है। यह चयनित सभी जिलों में एक साथ आएगी इसलिए कब आएगी यह कुछ नहीं कह सकते। उच्च अधिकारी जल्द मशीनें भेजने की बात कह रहे हैं। मशीनें आते ही पंद्रह दिन में ऑक्सीजन उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा। कोरोना महामारी शुरू होने के बाद से केंद्र सरकार ने तेजी से स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने का काम किया है। जिसके तहत जिला अस्पताल में 18 बेड का आईसीयू तैयार किया गया। इसी के साथ सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम और आइसोलेशन वार्ड तैयार हुए। वही अब केंद्र सरकार ने जिला अस्पताल में ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट को मंजूरी दे दी है। इसके लिए शासन से प्रथम चरण में 33 केवीए ट्रांसफॉर्मर व शेड निर्माण के लिए 10 लाख रुपए भी स्वीकृत किए। 

 

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वही स्वास्थ्य विभाग ने ऑक्सीजन प्लांट के लिए लगभग 80 फीसदी काम पूरा कर लिया है। वर्तमान में कोविड आईसीयू के बाहर ऑक्सीजन प्लांट के लिए 70 किलो वॉट का ट्रांसफार्मर लगवाया गया है। वहीं प्लांट के लिए भवन निर्माण शुरू कर दिया गया है। जो लगभग एक सप्ताह में हो जाएगा जिसके लिए चारों तरफ की दीवारें खड़ी करने का काम पूरा कर दिया गया है। ऑक्सीजन प्लांट के लिए क्रेन के माध्यम से ऑक्सीजन बनाने की मशीन को चार दीवारी के मध्य रखा जाएगा। जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग शासन से आने वाले मशीन का इंतजार कर रहा है। मशीन आते ही उसे क्रेन के माध्यम से भवन में रखा जाएगा। उसके बाद दस दिन में शेड बनाकर ऑक्सीजन उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा।

 

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इस ऑक्सीजन प्लांट से मदसौर के साथ नीमच जिले के लिए भी आपूर्ति हो सकेगी। कोरोना काल के दौरान सितंबर में जब संक्रमण पीक पर था, उस समय भी जिले में 12,800 लीटर ऑक्सीजन की खपत हुई। यह जिले में एक माह में लगी ऑक्सीजन की सर्वाधिक खपत थी। वहीं जिला अस्पताल में स्थापित होने वाले प्लांट से इतनी ऑक्सीजन मात्र एक घंटे में तैयार हो सकेगी।

इस तरह बनती है ऑक्सीजन

प्लांट में डक्ट से बाहर की हवा को अंदर खींचा जाता है। जो कम्प्रेसर में जाती है। कम्प्रेसर हवा को एक टैंक में भेजता है। उसमें दबाव बनने से हवा गर्म होती है। गर्म हवा को ठंडा करके फिल्टर से गुजारा जाता है, इस फिल्टर से पानी को अलग किया जाता है। ऑक्सीजन व अन्य गैस को अलग-अलग कर ऑक्सीजन को एक टैंक में व अन्य गैस को बाहर छोड़ा जाता है।

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