By अभिनय आकाश | Sep 09, 2026
जलवायु परिवर्तन के कारण पाकिस्तान पर मंडराते खतरे पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि देश के पांच बड़े शहर जलवायु से जुड़े खतरों का सामना करने में दुनिया के सबसे कमज़ोर शहरों में शामिल हैं। जियो न्यूज़ के अनुसार, 72 बड़े शहरी केंद्रों के विश्लेषण में हैदराबाद, मुल्तान, लाहौर, फैसलाबाद और कराची को दुनिया के उन 10 शहरों में रखा गया है जो जलवायु खतरों का सामना करने में सबसे कमज़ोर हैं। इस सूची में हैदराबाद दूसरे, मुल्तान तीसरे, लाहौर पांचवें, फैसलाबाद सातवें और कराची आठवें स्थान पर रहा। यह आकलन जियोस्पेशियल एनालिटिक्स कंपनी 'अल्फाजियो' (AlphaGeo) ने तैयार किया था, जिसमें शहरों के जलवायु खतरों के प्रति भौतिक जोखिम और उन खतरों के अनुकूल ढलने की उनकी क्षमता, दोनों की जांच की गई।
सबसे कम रेजिलिएंस (लचीलापन) वाले 10 शहरों में फैसलाबाद और कराची भी शामिल थे। स्टडी में ढाका को फिजिकल जोखिम के मामले में सबसे ज़्यादा खतरे वाला शहर पाया गया, जिसका फिजिकल रिस्क स्कोर 60 था। जियो न्यूज़ के मुताबिक, हालांकि बांग्लादेश की राजधानी का एडेप्टेशन डेल्टा 24 पॉइंट था, लेकिन उसका बचा हुआ RAJ स्कोर 36 रहा, जिससे वह सबसे ज़्यादा खतरे वाले बड़े शहरों की सूची में शामिल रही। इन नतीजों का शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश पर काफी असर पड़ सकता है। जियो न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, रियल एसेट्स में निवेश करने वालों को प्रॉपर्टी की कीमतों, इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती और बिजनेस ऑपरेशन्स के लगातार चलने पर क्लाइमेट रिस्क (जलवायु जोखिम) के संभावित असर को बारीकी से देखना चाहिए।