By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 03, 2026
पेशावर, तीन नवंबर पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में मंगलवार को पोलियो रोधी टीकाकरण दल की सुरक्षा में तैनात दो पुलिसकर्मियों की अज्ञात बंदूकधारियों के हमले में मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। जिला पुलिस अधिकारी (डीपीओ) रजा खान के अनुसार, पुलिस का एक दल टीकाकरण कर्मियों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए अपनी चौकी से यख डंड गांव की ओर जा रहा था, तभी अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मोहम्मंद जिले की पिंडियाली तहसील में हथियारबंद हमलावरों ने उस पर घात लगाकर हमला कर दिया।
ये घटनाएं 27 प्रांतीय जिलों में पांच साल से कम उम्र के 48 लाख बच्चों को लक्षित कर चलाए जा रहे चार दिवसीय समन्वित पोलियो रोधी अभियान के पहले दिन हुईं। एक नवंबर को राष्ट्रीय पोलियो उन्मूलन आपात अभियान केंद्र (एनईओसी) ने खैबर जिले से पोलियो का एक नया मामला सामने आने की पुष्टि की थी। इसके साथ ही इस साल देश में इस बीमारी के कुल मामलों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है।
पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर हमलावरों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। एक अन्य घटना में, प्रांत के टैंक जिले में मंगलवार को अज्ञात हथियारबंद लोगों ने पोलियो टीकाकरण दल के चार सदस्यों का अपहरण कर लिया। डीपीओ अब्दुल समद खान ने बताया कि बंदूकधारियों ने टीकाकरणकर्मियों को हथियारों के बल पर अपने कब्जे में ले लिया और उसके बाद उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले गए।
पुलिस और सुरक्षा बलों ने उनका पता लगाने और उन्हें छुड़ाने के लिए आसपास के इलाकों में अभियान शुरू कर दिया है। खैबर पख्तूनख्वा के राज्यपाल फैसल करीम कुंडी ने दोनों घटनाओं की निंदा की और पुलिसकर्मियों की मौत पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने अपहृत स्वास्थ्यकर्मियों को सुरक्षित छुड़ाने के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि अग्रिम मोर्चे पर तैनात टीकाकरणकर्मी बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। साउथ एशिया टेररिज्म पोर्टल के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा में 2020 से अब तक पोलियो टीकाकरण कर्मियों को निशाना बनाकर कम से कम 47 हमले किए गए हैं, जिनमें नौ लोगों की मौत हुई, सात घायल हुए और 15 से अधिक लोगों का अपहरण किया गया। प्रांतीय आपात अभियान केंद्र के अनुसार, पूरे प्रांत में चलाए जा रहे इस अभियान के लिए टीकाकरण की 20,772 टीमें तैनात की गई थीं, जिन्हें लगभग 30,000 सुरक्षाकर्मियों का सहयोग प्राप्त था।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, पाकिस्तान और अफगानिस्तान दुनिया के एकमात्र ऐसे देश हैं, जहां पोलियो अब भी स्थानिक बीमारी है।