Pakistan, सऊदी और तुर्किये के रक्षा समझौते से पश्चिम एशिया में काफी कम हो जाएगी US की रणनीतिक भूमिका

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 08, 2026

पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के बीच हुए त्रिपक्षीय रक्षा समझौते से पश्चिम एशिया में अमेरिका की रणनीतिक भूमिका काफी कम हो सकती है। पाकिस्तान के कुछ रक्षा विश्लेषकों ने यह बात कही। पश्चिम एशिया में व्याप्त तनाव के मद्देनजर बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच तीनों देशों ने शुक्रवार को एक संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत किसी एक देश पर हमले को तीनों देशों पर हमला माना जाएगा।

इसी वजह से ऐसे समझौते करने की जरूरत पड़ी।” गुल ने कहा कि इस समझौते के साथ ही क्षेत्र में अमेरिका की भूमिका बहुत कम या कहें कि खत्म सी हो जाएगी।” गुल ने कहा, “कतर और कुवैत भी जल्द ही पाकिस्तान के साथ इसी तरह के समझौतों में शामिल होंगे।” उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों को आभास हो गया था कि ईरान के बजाय इजराइल उनके लिए बड़ी सुरक्षा चुनौती खड़ी कर सकता है। विदेश मामलों के विशेषज्ञ मोहम्मद मेहदी ने कहा कि इस समझौते ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की स्थिति को लेकर धारणा बदल दी है। उन्होंने कहा, दुनिया में पाकिस्तान की स्थिति बदल गई है।

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अब दुनिया पाकिस्तान को पश्चिम एशिया और मध्य एशिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले देश के रूप में देख रही है। तुर्किये के इस तीन देशों के समझौते में शामिल होने से यूरोप में भी पाकिस्तान को अलग नजरिए से देखा जाएगा। सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर फारूक हमीद ने कहा कि इस समझौते में यह प्रावधान है कि किसी एक सदस्य देश पर हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा, लिहाजा पाकिस्तान और भारत के बीच भविष्य में किसी तरह के संघर्ष के विरुद्ध यह प्रावधान ‘निवारक’ के रूप में काम करेगा।

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