By अभिनय आकाश | Mar 28, 2026
छोटे-छोटे परमाणु बमों पर इतराने वाला पाकिस्तान अब इजराइल को आंख दिखाने की कोशिश कर रहा है। गीदड़ भपकी दे रहा है। लेकिन शायद पाकिस्तान यह भूल गया है कि इतिहास क्या है। जब पूरी अरब दुनिया एक तरफ थी और अकेला इजराइल एक तरफ था। फिर भी जीत किसकी हुई थी। ईयर 1967 सिक्स डे वॉर एक तरफ जहां पर सीरिया जॉर्डन जैसे कई देश थे और लेकिन दूसरी तरफ इजराइल और सिर्फ छह दिनों में इजराइल ने ना सिर्फ हमला रोका बल्कि दुश्मनों की जमीन तक कब्जे में ले ली। यानी संख्या नहीं रणनीति जीतती है। अब आज की बात करते हैं। पाकिस्तान ने इजराइल को सीधी यह चेतावनी दी है कि अगर हमारे राजनीतिकों को कुछ हुआ तो हम करारा जवाब देंगे।
आईएमएफ पर निर्भर है और अंदरूनी अस्थिरता भी काफी है। जबकि इजराइल टेक्नोलॉजी, इंटेलिजेंस, मिलिट्री तीनों में आ गया है। तो क्या पाकिस्तान सच में इजराइल को चुनौती दे सकता है या फिर यह सिर्फ एक जिओपॉलिटिकल मैसेंजिंग और घरेलू राजनीति का एक हिस्सा है। क्योंकि बता दें कि आज की जंग सिर्फ हथियारों से नहीं बल्कि कैपेबिलिटी इंटेलिजेंस अलायंस से जीती जाती है। इतिहास गवाह है कि इजराइल को कम आंकना कई देशों को काफी भारी पड़ा है। लेकिन अब देखना यह होगा कि क्या पाकिस्तान सिर्फ बयान देगा या वाकई कोई बड़ा कदम भी उठाएगा और पाकिस्तान की ये जो गीदड़ भपकी है ये इसका जवाब इजराइल कैसे देगा क्योंकि इजराइल ने अगर पलटवार करने का मूड बना लिया तो पाकिस्तान को निपटाना उसके लिए सिर्फ कुछ सेकंड की ही बात होगी तो पाकिस्तान को तो यही सलाह दी जाएगी कि आप बेवजह पंगा ना लें इज़राइल से।