By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 16, 2026
केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने शुक्रवार को पलक्कड़ जिले में एक अज्ञात व्यक्ति की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने की कथित घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है और घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है। राज्य विधानसभा में चेन्निथला ने इस घटना को “बेहद क्रूर और निंदनीय” बताया।
मंत्री ने बताया कि मृतक की उम्र 35 से 40 वर्ष के बीच होने का अनुमान है, लेकिन अभी तक उसकी पहचान नहीं हो पाई है। चेन्निथला ने कहा कि उन्होंने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (खुफिया) को निर्देश दिया है कि मृतक की पहचान करने के लिए तमिलनाडु में अपने समकक्ष अधिकारी की मदद लें, क्योंकि यह घटना पड़ोसी राज्य की सीमा से लगे एक गांव में हुई थी। मंत्री ने इस हत्या को अमानवीय और जघन्य बताते हुए कहा कि मृतक के शरीर पर करीब 52 चोटों के निशान थे।
उन्होंने सवाल किया, “लोगों का एक समूह एकजुट होकर इस तरह की अमानवीय और जघन्य हत्या करे, तो इसे कैसे जायज ठहराया जा सकता है?” रविवार सुबह मीनाक्षीपुरम के पास मूलथारा बांध के नजदीक एक व्यक्ति का शव मिलने के बाद यह घटना सामने आई। स्थानीय निवासियों ने शव देखा था। चेन्निथला ने कहा कि पुलिस ने शुरुआत में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया था।
हालांकि, सीसीटीवी फुटेज की जांच और नए सबूत सामने आने के बाद पता चला कि कथित तौर पर लोगों के एक समूह ने व्यक्ति पर हमला किया था। उन्होंने उस पर पत्थर फेंके और डंडों से उसकी पिटाई की थी। उन्होंने बताया कि इसके बाद आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराएं लगाई गईं।
मंत्री के अनुसार, आरोप लगाया गया था कि पीड़ित ने कुछ स्थानीय महिलाओं के सामने अश्लील हरकत की थी, जिसके बाद आरोपियों ने उस पर हमला किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से निपटने के लिए कानून लागू करने वाली एजेंसियां और अदालतें हैं। किसी को भी किसी व्यक्ति पर हमला करके उसकी हत्या करने और कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
पुलिस ने पहले बताया था कि त्रिशूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किए गए पोस्टमार्टम में हत्या के संकेत मिले थे। बताया गया कि वह व्यक्ति केरलम-तमिलनाडु सीमा क्षेत्र के एक गांव में पिछले कुछ समय से घूम रहा था, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो पाई थी। शनिवार को कथित तौर पर हुई इस घटना से पूरे जिले में सनसनी फैल गई है।
हाल के वर्षों में पलक्कड़ में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने की यह तीसरी कथित घटना है। चेन्निथला ने अट्टापडी के चिंडक्की ऊरू के 27 वर्षीय आदिवासी युवक मधु की 2018 में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने की घटना को याद करते हुए कहा कि यह घटना भीड़ की हिंसा की एक भयावह याद दिलाती है। मधु पर एक दुकान से चावल और अन्य किराने का सामान चुराने का आरोप लगाया गया था, जिसके बाद कथित तौर पर भीड़ ने उसे पीट-पीटकर मार डाला था।
दिसंबर 2025 में एक अन्य घटना में, वालयार पुलिस थाना क्षेत्र में चोरी के संदेह में छत्तीसगढ़ के एक निवासी को कथित तौर पर पीट-पीटकर मार डालने के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था।