By अभिनय आकाश | Nov 04, 2026
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने बुधवार को केंद्र सरकार के उस फैसले की आलोचना की, जिसमें अग्निवीरों के कार्यकाल को दो साल और बढ़ाने की बात कही गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले सरकार का यह कदम एक "यू-टर्न" है। साथ ही, उन्होंने सवाल उठाया कि कार्यकाल पूरा होने के बाद इन अग्निवीरों का क्या होगा। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि की इस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस ने शुरू से ही अग्निपथ योजना का विरोध किया है। उनका तर्क है कि इससे सशस्त्र बलों के साथ-साथ युवाओं के भविष्य पर भी बुरा असर पड़ेगा। खेड़ा ने ANI से कहा, "हमने शुरू से ही अग्निवीर योजना का विरोध किया है। राहुल गांधी जी ने भी इसका विरोध किया था। यह योजना न केवल हमारे सशस्त्र बलों को, बल्कि देश के युवाओं को भी नुकसान पहुंचा रही है - दो साल और बीत जाने के बाद आप उन्हें बेरोजगार करके सड़कों पर छोड़ देंगे। हमने इसी बात को लेकर इसका विरोध किया है।
प्रस्तावित योजना के लिए कुल 2,814 करोड़ रुपये का वित्तीय परिव्यय तय किया गया है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी। इस योजना के तहत, चार महत्वपूर्ण खनिज प्रसंस्करण संयंत्र (critical mineral processing plants) स्थापित करने के लिए पात्र निवेश का 30% पूंजीगत सब्सिडी (capital subsidy) के रूप में दिया जाएगा। इनमें दो लिथियम प्रसंस्करण संयंत्र (प्रत्येक की न्यूनतम क्षमता 30 kt) और दो निकेल प्रसंस्करण संयंत्र (प्रत्येक की न्यूनतम क्षमता 50 kt) शामिल होंगे। इसके तहत मिलने वाली अधिकतम पूंजीगत सहायता, लिथियम के लिए प्रति लाभार्थी 500 करोड़ रुपये और निकेल के लिए प्रति लाभार्थी 900 करोड़ रुपये तक सीमित होगी।