Pithori Amavasya 2026: संतान सुख और Pitra Dosh मुक्ति के लिए आज जरूर करें Shubh Muhurat में पूजा

By अनन्या मिश्रा | Sep 10, 2026

हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन पितरों का तर्पण, दान और धार्मिक कार्य आदि किए जाते हैं। भाद्रपद माह की अमावस्या तिथि को पिठोरी अमावस्या मनाई जाती है। इस बार आज यानी की 10 सितंबर को पिठोरी अमावस्या मनाई जा रही है। इस अमावस्या का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होता है। इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए व्रत करती हैं। तो वहीं दूसरी ओर यह तिथि पितरों के तर्पण, दान-पुण्य और पिंडदान के लिए भी बेहद फलदायी मानी जाती है। तो आइए जानते हैं पिठोरी अमावस्या की तिथि, मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व आदि के बारे में...

पूजन विधि

इस दिन सुबह जल्दी स्नान आदि करने के बाद साफ कपड़े पहनें और सूर्य देव को जल अर्पित करें। अब पितरों का स्मरण करते हुए तर्पण करें और फिर पूजा स्थल को साफ करें। इसके बाद चौकी पर देवी पिठोरी की स्थापना करें। अब आटे या फिर गोबर से 64 योगिनियों और सप्त मातृकाओं की आकृति को बनाएं। अब इन देवियों को हल्दी, रोली, अक्षत, फूल, धूप और दीप अर्पित करें। इसके बाद खीर, पूड़ी, रोटी, चूरमा, घी और गुड़ आदि का भोग लगाएं। इसके बाद पिठोरी अमावस्या व्रत की कथा का पाठ करें और मां की आरती हैं। पूजा के अंत में संतान की लंबी आयु, अच्छी सेहत और घर-परिवार की सुख-शांति व समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।

महत्व

इस तिथि को मातृशक्ति और संतान के बीच प्रेम एवं आस्था का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि पिठोरी अमावस्या के लिए श्रद्धापूर्वक देवी-देवताओं की पूजा और व्रत करने से संतान के जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। अमावस्या तिथि की वजह से इस दिन दान, तर्पण और प्रार्थना आदि करने की भी परंपरा होती है।

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