By अभिनय आकाश | Aug 07, 2025
धर्मस्थल सामूहिक अंत्येष्टि मामले में मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के कर्नाटक उच्च न्यायालय के हालिया फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय सुनवाई करेगा। यह याचिका धर्मस्थल मंदिर संस्थान के सचिव हर्षेंद्र कुमार डी ने दायर की है, जिन्होंने मामले की तत्काल सुनवाई के लिए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ने आज मामले की कल सुनवाई के लिए सहमति व्यक्त की, लेकिन यह मामला अभी तक शुक्रवार की सुनवाई सूची में शामिल नहीं हुआ है।
कुडले रैम्पेज ने इस निषेधाज्ञा को चुनौती दी, जिसके बाद उच्च न्यायालय ने यह फैसला सुनाया। न्यायालय ने कहा कि निचली अदालत का एकतरफा आदेश पत्रकारिता पर घबराहट पैदा करने वाला था और सार्वजनिक जवाबदेही के मूल पर प्रहार करता था। याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता ए वेलन ने इस फैसले को एक सशक्त पुष्टि बताया कि कानून का इस्तेमाल संस्थानों को जाँच से बचाने के लिए नहीं किया जा सकता। वेलन ने कहा कि यह मानहानि का मामला नहीं है; यह पारदर्शिता का मामला है। यह जीत सुनिश्चित करती है कि कहानी को दबाया नहीं जाएगा।