By अभिनय आकाश | Apr 21, 2026
दक्षिण चीन सागर में चाइना की दादागिरी को करारा जवाब मिलने वाला क्योंकि भारत से ब्रह्मोस मिसाइल मिलने के बाद अब फिलीपींस अपनी ताकत का प्रदर्शन करने जा रहा है। दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस अब फिलीपींस और अमेरिका के बीच होने वाले सबसे बड़े सैन्य अभ्यास बालीट्टन में अपना दम दिखाएगी। दरअसल फिलीपींस पहली बार इस मिसाइल का सिमुलेशन फायरिंग करने जा रहा है। जो कि बड़े सैन्य अभ्यास बालिका के दौरान होगा। यह असली फायरिंग नहीं होगी लेकिन पूरी तैयारी वैसी ही रहेगी। रडार ऑन, टारगेट लॉक, लॉन्च सिस्टम एक्टिव सब कुछ असली युद्ध जैसे माहौल में। दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच लंबे समय से टकराव की स्थिति है। द्वीपों और समुद्री इलाकों को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहा है और चीन की आक्रामक रणनीति को फिलीपींस अपने लिए सबसे बड़ा खतरा मानता है। यही वजह है कि फिलीपींस ने भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदी ताकि चीन को साफ संदेश दिया जा सके कि अब जवाब देने की ताकत उसके पास भी है।
बड़ी बात यह है कि इसमें अमेरिका भी शामिल रहे और इस दौरान कई एडवांस सिस्टम भी शामिल किए जा रहे हैं। मकसद साफ है सभी सिस्टम को एक साथ जोड़कर ज्यादा ताकतवर सैन्य क्षमता तैयार करना। हालांकि आधिकारिक तौर पर कहा जा रहा है कि यह अभ्यास किसी एक देश के खिलाफ नहीं है। लेकिन जमीन की सच्चाई यही है कि पूरा फोकस इंडोपेसिफिक में बढ़ते तनाव पर है। जहां चीन की मौजूदगी लगातार चुनौती बन रही है। कुल मिलाकर ब्रह्मोस की एंट्री ने पूरे इलाके का रणनीतिक समीकरण बदल दिया है। भारत की यह मिसाइल अब सिर्फ देश की ताकत नहीं रही बल्कि चीन के खिलाफ खड़े देशों के लिए एक मजबूत ढाल बनती जा रही है।