By अभिनय आकाश | Jan 16, 2026
मिडिल ईस्ट में कुछ बड़ा होने वाला है क्योंकि ईरान में बहुत बड़ा तूफान आने वाला है। समुद्र में हलचल है। हवा में तनाव है और जमीन पर बगावत। ईरान की सड़कों पर सत्ता के खिलाफ नारे गूंज रहे हैं। तो हजारों किलोमीटर दूर समंदर में अमेरिका का सबसे ताकतवर युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहा है। सवाल सिर्फ इतना है कि अमेरिका क्या कर रहा है? और सवाल यह भी है कि क्या दुनिया एक बार फिर युद्ध के मुहाने पर खड़ी है? अमेरिका की सैन्य तैयारी से ही यह संकेत नहीं मिल रहे हैं कि ईरान पर भीषण हमला होने वाला है। तीन और बड़े संकेत हैं जो यह बता रहे हैं युद्ध शुरू होने ही वाला है। पहला संकेत यह है कि पेंटागन में पिज़्ज़ा की डिमांड बढ़ गई। दूसरा संकेत यह है कि इजराइल के प्रधानमंत्री का विमान देश से बाहर चला गया है। तीसरा बड़ा संकेत यह है कि दुनिया में अनाज की स्टोरेज बढ़ गई है। इन संकेतों को क्यों ईरान पर हमले की भविष्यवाणी माना जा रहा है? पेंटागन पिज़्ज़ा इंडेक्स थ्योरी किसी देश के खिलाफ अमेरिका के युद्ध में शामिल होने की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भविष्यवाणी है। इस थ्योरी के मुताबिक जब अमेरिका के पेंटागन के आसपास पिज़्ज़ा के ऑर्डर अचानक बढ़ जाते हैं, तो दुनिया में कहीं बड़ा हमला या सेना का एक्शन होता है। पेंटागन में पिज़्ज़ा की डिमांड इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि अधिकारी संकट के समय देर रात तक काम करते हैं। 14 जनवरी से पेंटागन पिज़्ज़ा इंडेक्स में तेजी से बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है।
पिछले 24 घंटे में पेंटागन के आसपास के पिज़्ज़ा आउटलेट्स पर ऑर्डर में असामान्य उछाल देखा गया है। डोमिनोज़ पिज़्ज़ा के आर्डर में करीब 1000% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जबकि एक्सट्रीम पिज़्ज़ा ने भी 200% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जून 2025 में जब अमेरिका ने ईरान पर हमला किया था तब भी पिज़्ज़ा इंडेक्स तेजी से बढ़ा था। अब फिर पेंटागन एप पिज़्ज़ा इंडेक्स में तेज बढ़त दर्ज की गई है। हालांकि पेंटागन हमेशा ऐसी किसी भी थ्योरी से इंकार करता है।
कुछ लोगों का कहना है कि पिज्जा सिद्धांत शीत युद्ध से जुड़ा है, जब सोवियत खुफिया ने अमेरिकी सैन्य गतिविधि की भविष्यवाणी करने के लिए वाशिंगटन, डीसी में पिज्जा जॉइंट्स की निगरानी की थी। news.com.au के अनुसार, इसे ‘पिज्जिंट’ कहा जाता था, जिसका अर्थ है पिज्जा इंटेलिजेंस। 1980 के दशक के अंत और 1990 के दशक की शुरुआत में, कई मीडिया आउटलेट्स ने उल्लेखनीय क्षणों के दौरान पिज्जा की बिक्री में उछाल की सूचना दी। उन्होंने इस मीट्रिक को पिज्जा मीटर नाम दिया। 1 अगस्त 1990 को, जब सद्दाम हुसैन अगले दिन कुवैत पर आक्रमण करने की तैयारी कर रहे थे, तो पिज्जा के ऑर्डरों में अचानक वृद्धि हो गई। 1991 में ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म के दौरान, फ्रैंक मीक्स, जो वाशिंगटन क्षेत्र में 59 डोमिनोज़ फ़्रैंचाइज़ी के मालिक थे, ने दावा किया कि हर बार जब सैन्य कार्रवाई आसन्न होती थी, तो उनके ऑर्डर बढ़ जाते थे। 1998 में उन्होंने एलए टाइम्स को बताया कि बिल क्लिंटन की महाभियोग सुनवाई के दौरान भी उनके ऑर्डर में इसी तरह की वृद्धि हुई थी। दिसंबर 1998 में ऑपरेशन डेजर्ट फॉक्स के दौरान, व्हाइट हाउस ने सामान्य से 32 प्रतिशत अधिक एक्स्ट्रा-चीज़ पिज्जा का ऑर्डर दिया। एक पूर्व CNN पेंटागन संवाददाता, वुल्फ ब्लिट्जर ने एक बार 1990 में मज़ाक में कहा था, पत्रकारों के लिए मुख्य बात: हमेशा पिज्जा पर नज़र रखें।
अक्टूबर 1983 में अमेरिका ने जब ग्रेनेडा पर हमला किया था, तो उस हमले से एक रात पहले पेंटागन में पिज़्ज़ा के आर्डर दोगुने हो गए थे। दिसंबर 1979 में अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुरश के समय जब पनामा पर हमला किया गया था तो हमले से एक दिन पहले पिज़्ज़ा की मांग अचानक बढ़ गई थी। शीत युद्ध के दौरान जब भी पेंटागन के आसपास पिज़्ज़ा की डिलीवरी बढ़ जाती है तो सोवियत संघ के जासूसों को किसी बड़ी कारवाई की आशंका हो जाती है। उस समय सोवियत संघ के जासूस इसके लिए पिज़्ज़ कोड वर्ड का इस्तेमाल करते हैं। पिज़ेंट कोड शब्द पिज़्ज़ा का ही एक छोटा रूप है।
ईरान पर हमले का दूसरा अलग संकेत इजराइल से आया है। यह संकेत इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को लेकर के है। द टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का सरकारी विमान विंग ऑफ जिओन 14 जनवरी को इजराइली एयर स्पेस से बाहर चला गया। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट के अनुसार यह विमान इजराइली हवाई क्षेत्र को छोड़कर मेडिटेरियन सी की ओर रवाना हो गया है। जैसे ही यह विमान हवाई क्षेत्र से बाहर गया। पको बता दें कि यह विमान इजराइल सरकार का मुख्य आधिकारिक विमान होता है। इसका इस्तेमाल खासतौर पर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के लिए किया जाता है। इजराइल के राजकीय विमान विंग ऑफ चैन ने बियर शेबा के नेवातिम एयरबेस से क्रीट तक अचानक उड़ान भरी। उड़ान ट्रैकिंग साइट्स ने विमान के उड़ान भरने की पुष्टि की। इसके अलावा नेतन्याहू ने अगले हफ्ते ही अपनी सारी बैठकें पहले से तय सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। यह युद्ध का ही संकेत है।
दुनिया के तमाम देश अपना अनाज भंडार भर रहे हैं। ऐसा अमूमन तभी देखा जाता है जब किसी बड़े युद्ध की आशंका होती है क्योंकि युद्ध के कारण सप्लाई चेन टूट जाती है। ईरान अमेरिकी तनाव के बीच स्वीडन ने 2026 में 63 मिलियन सिर्फ फूड स्टॉक के लिए रखा है। चीन ने 18 अरब डॉलर से ज्यादा का स्टॉक बजट रखा है। नॉर्वे ने फिर से गेहूं का भंडार बनाना शुरू कर दिया है। जर्मनी डिब्बा बंद खाना जमा कर रहा है। फिनलैंड ने अनाज का रिजर्व 6 महीने से बढ़ाकर 9 महीने कर दिया है। मिस्र ने 60 लाख टन गेहूं जमा कर लिया है। ब्राजील ने सरकारी अनाज खरीद फिर से शुरू कर दी है। इंडोनेशिया ने भी चावल का भंडार लगभग दो गुना कर दिया है। दुनिया का कोई एक देश अनाज का भंडार नहीं बढ़ा रहा है। कई देश अनाज का भंडार बढ़ा रहे हैं। यानी ये देश मान रहे हैं कि बड़ी जंग होगी। सप्लाई चेन पर असर होगा और अनाज की सप्लाई बाधित होगी।
अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने 15 जनवरी सुबह बिना कारण बताए अपने एयर स्पेस को उड़ानों के लिए बंद कर दिया। भारत समेत कई देशों की अमेरिका और यूरोप जाने वाली कई अहम अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर इसका असर पड़ा। ईरान से भारत सरकार उन सभी नागरिकों को वापस लाने की तैयारी में जुटी है, जो देश वापसी करना चाहते हैं। विदेश मंत्रालय वहां से सुरक्षित वापसी की तैयारी में जुटा है। बताते हैं, ईरान में 10 हजार भारतीय मौजूद है। इनमें 2000 से ज्यादा मेडिकल स्टूडेंट्स जम्मू-कश्मीर से है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रप ने कहा कि हमें बताया गया है कि ईरान में हत्याएं रुक गई है। जब उनसे सवाल हुआ कि क्या वह ईरान पर अब कार्रवाई करेंगे तो ट्रंप ने कहा कौन जानता है? हम नजर रखेंगे और देखेंगे कि प्रक्रिया क्या है।' खबरे है कि अमेरिकी नेवी ने अपने वॉरशिप यूएसएस अब्राहम लिंकन को मिडिल ईस्ट को रवाना किया है। ईरान ने कहा कि जंग से बेहतर कूटनीति है। समुद्र के बीचों-बीच इतनी भारी मशीन का इतनी तेजी से चलना अपने आप में बहुत बड़ी बात है। इस जहाज की सबसे बड़ी खूबी है इसका कैरियर एयर विंग न सीवी। इस जहाज पर एक साथ 90 फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर्स तैनात रह सकते हैं। मतलब सोच लीजिए अगर अमेरिका चाहे तो एक साथ 90 एफ 35 फाइटर जेट्स को इस पर लेकर चल सकता है। दुनिया के कई देशों की पूरी वायुसेना में भी 90 आधुनिक फाइटर जेट्स नहीं होते। एफ 35C यह दुनिया का सबसे एडवांस स्टेल फाइटर जेट है। दुश्मन का रडार इसे देख नहीं पाता और यह चुपके से हमला करके निकल सकता है।