प्रधानमंत्री ने शासन करने का नैतिक अधिकार खोया, लोगों के साथ खड़े नहीं हुए: कपिल सिब्बल

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 18, 2021

नयी दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान लोगों के साथ खड़े नहीं होकर शासन करने का अपना नैतिक अधिकार ‘‘नि:संदेह’’ खो चुके हैं। उन्होंने साथ ही प्रधानमंत्री पर आरोप लगाया कि महामारी के दौरान वह चुनावों में स्वयं को श्रेष्ठ साबित करने का खेल खेलते रहे। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने साक्षात्कार में प्रधानमंत्री पर तीखा हमला बोला और कहा कि विश्वसनीय राजनीतिक विकल्प के अभाव का यह मतलब नहीं है कि प्रधानमंत्री को यह सोचकर अपने कर्तव्य का निर्वहन करना छोड़ देना चाहिए कि उनका राजनीतिक भविष्य सुरक्षित है।

इसे भी पढ़ें: PM मोदी एक बार फिर बने ग्लोबल लीडर नंबर 1, बाइडेन और जॉनसन समेत कइयों को छोड़ा पीछे

उन्होंने यह भी कहा, ‘‘कोई विश्वसनीय विकल्प हो भी सकता है, नहीं भी हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि प्रधानमंत्री को यह मानकर अपनी जिम्मेदारियां निभाना छोड़ देना चाहिए कि उनका राजनीतिक भविष्य सुरक्षित है।’’ सिब्बल ने कहा कि वह इस बात से सहमत हैं कि मौजूदा समय में मजबूत राजनीतिक विकल्प के संदर्भ में निश्चित तौर पर एक शून्यता है और इसी कारण उन्होंने अपनी पार्टी में सुधारों का सुझाव दिया ताकि देश के पास एक मजबूत और विश्वसनीय विपक्ष हो।

कांग्रेस में व्यापक बदलाव की मांग को लेकर सोनिया गांधी को पत्र लिखने वाले 23 नेताओं में शामिल रहे सिब्बल ने कहा कि जब पूरी दुनिया इस महामारी से निपटने में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रही थी तो प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और केरल में चुनावी सभाओं को संबोधित करने में लगे थे। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने अपनी ही सरकार द्वारा तय कोविड प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन किया जिससे देश की बदनामी हुई।

प्रमुख खबरें

न्यूयॉर्क में ICE अधिकारियों की कार्रवाई, कार से टक्कर मारने वाले व्यक्ति पर चलाई गोली

Lilavati Hospital Trust वित्तीय धोखाधड़ी मामला: Mumbai Sessions Court ने FIR के आदेश को सही ठहराया

Ranchi T20: Shai Hope के नाबाद शतक से जीता West Indies, सीरीज 1-1 से बराबर

MP में OBC आरक्षण 14 फीसदी होने पर BJP ने कमलनाथ सरकार को घेरा