जहां चढ़ता है Non-Veg प्रसाद, उस ऐतिहासिक कालीबाड़ी मंदिर में PM Modi ने क्यों की विशेष पूजा?

By एकता | Apr 26, 2026

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तरी कोलकाता में अपने रोडशो की शुरुआत करने से पहले थंथनिया कालीबाड़ी मंदिर का दौरा किया। यहां उन्होंने मां काली की विशेष पूजा-अर्चना की और उनका आशीर्वाद लिया। यह मंदिर अपनी प्राचीनता और आध्यात्मिक महत्व के लिए जाना जाता है।

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रामकृष्ण परमहंस से जुड़ा विशेष नाता

इस मंदिर का महान संत रामकृष्ण परमहंस के साथ गहरा जुड़ाव है। मान्यता है कि वे अक्सर यहां आते थे और मां सिद्धेश्वरी के लिए भक्ति गीत गाते थे। मंदिर की दीवारों पर उनकी कही गई 'वाणी' उकेरी गई है, जिस पर लिखा है, 'शंकरेर हृदोय माझे, काली बिराजे' (मां काली शंकर के हृदय में निवास करती हैं)।

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प्रसाद की अनूठी परंपरा

यह मंदिर भारत के उन चुनिंदा मंदिरों में से एक है जहां देवी को 'मांसाहारी प्रसाद' चढ़ाया जाता है। इस अनूठी प्रथा की शुरुआत रामकृष्ण परमहंस ने ही की थी। उन्होंने ब्रह्मानंद केशव चंद्र सेन के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हुए मंदिर में 'डाब-चिंगड़ी' (नारियल और झींगा) का भोग लगाया था। इसके बाद से ही यह परंपरा चली आ रही है। कहा जाता है कि जब खुद रामकृष्णदेव बीमार पड़े थे, तब उनके अनुयायियों ने भी उनके स्वास्थ्य के लिए यहां मां सिद्धेश्वरी को मांसाहारी भोग चढ़ाया था।

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