हिमाचल-पंजाब बाढ़ पर PM मोदी का बड़ा बयान: संकट की घड़ी में केंद्र पीड़ितों के साथ

By अंकित सिंह | Sep 09, 2025

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को हिमाचल प्रदेश और पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के एक दिवसीय दौरे पर रवाना हुए और इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों के साथ खड़े रहने की केंद्र की प्रतिबद्धता दोहराई। हिमाचल प्रदेश से अपने दौरे की शुरुआत करते हुए, प्रधानमंत्री ने मूसलाधार बारिश और भूस्खलन से हुए नुकसान का आकलन किया। इसके बाद वे पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे।

प्रधानमंत्री के दौरे से पहले गुरदासपुर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पंजाब इस समय हाल के दशकों की सबसे भीषण बाढ़ आपदाओं में से एक से जूझ रहा है। सतलुज, व्यास और रावी नदियों के उफान के साथ-साथ मौसमी नालों ने राज्य के बड़े हिस्से को जलमग्न कर दिया है। आम आदमी पार्टी (आप) के पंजाब अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने उम्मीद जताई कि केंद्र बाढ़ प्रभावित राज्य के लिए राहत पैकेज की घोषणा करेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब पिछले 20-25 दिनों से बाढ़ की चपेट में है। कल प्रधानमंत्री मोदी पंजाब आ रहे हैं। हम उनका स्वागत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि कल वह पंजाब को राहत पैकेज देंगे। बाढ़ से हुए नुकसान का प्रारंभिक अनुमान 20,000 करोड़ रुपये है। 

इसे भी पढ़ें: नेक्स्टजेन जीएसटी सुधार केवल कर सुधार नहीं बल्कि राष्ट्र-निर्माण को तेज रफ्तार देने का परिचायक

अमन अरोड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बाढ़ से जूझ रहे पंजाब के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा है। हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी इस कठिन समय में पंजाब के लोगों के साथ खड़े होंगे...आपदा राहत के रूप में पंजाब को 20,000 करोड़ रुपये का न्यूनतम पैकेज दिया जाना चाहिए और लंबित 60,000 करोड़ रुपये भी पंजाब को दिए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे।

प्रमुख खबरें

गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय में बीएएमएस परीक्षा पेपर लीक मामले की होगी जांच, छात्र संगठनों ने लगाए आरोप

ईरान-अमेरिका युद्ध: युद्ध रोकने की कोशिशों में प्रगति के संकेत, मध्यस्थों को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया

राजस्थान में संविदा पर होगी 24,752 सफाई कर्मचारियों की भर्ती, 15 अगस्त से कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन

गॉडफ्रे फिलिप्स का शुद्ध मुनाफा पहली तिमाही में 44.3 प्रतिशत घटकर 198.39 करोड़ रुपये रहा