SCO की बैठक में पीएम मोदी उठा सकते हैं आतंकवाद का मुद्दा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 10, 2019

नयी दिल्ली। बिश्केक में 13-14 जून को आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आतंकवाद के बढ़ते खतरे सहित क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियों से निपटने के बारे में भारत के रूख को स्पष्ट करने की उम्मीद है। मोदी के लगातार दूसरी बार सत्ता में आने के बाद यह पहली बहुपक्षीय बैठक होगी जिसमें वह भाग लेने जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) ए गितेश सरमा ने कहा किप्रधानमंत्री एससीओ बैठक से इतर चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।

इसे भी पढ़ें: PM मोदी से मिले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी

उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि किर्गिस्तान में शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले नेताओं के वैश्विक सुरक्षा स्थिति, बहुपक्षीय आर्थिक सहयोग, लोगों से लोगों का संपर्क और अंतरराष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय महत्व के सामयिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद हैं। सरमा ने कहा कि उम्मीद है कि भारत शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के मुद्दे को उठाएगा लेकिन वह किसी विशिष्ट देश के बारे में बात नहीं करेगा।

इसे भी पढ़ें: पीएम मोदी, शी चिनफिंग बिश्केक में कर सकते हैं अमेरिका संरक्षणवाद पर बातचीत

भारत 2005 से एससीओ में एक पर्यवेक्षक रहा है और समूह की मंत्री स्तरीय बैठकों में भाग लिया है। भारत और पाकिस्तान को 2017 में एससीओ की स्थायी सदस्यता दी गई थी। सरमा ने कहा कि भारत एससीओ देशों के सदस्यों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रीय संपर्क परियोजनाओं के महत्व पर भी जोर देने की संभावना है। एससीओ की स्थापना 2001 में शंघाई में हुयी थी। एससीओ अभी दुनिया की आबादी के लगभग 42 प्रतिशत और वैश्विक जीडीपी के 20 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है।

प्रमुख खबरें

Iran-Israel Conflict: परमाणु प्लांट के पास मिसाइल अटैक से दुनिया की सांसें थमीं, 180 जख्मी

PM Modi ने रचा नया इतिहास, देश में सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले Non-Congress Leader बने

Share Market का Red Alert: Investors के 1 लाख करोड़ डूबे, इन शेयरों में हुई भारी बिकवाली

Premier League: Everton ने Chelsea को 3-0 से रौंदा, लगातार चौथी हार से बढ़ा संकट