राज्यसभा में बोले PM मोदी, झारखंड को मॉब लिंचिंग का गढ़ बताकर बदनाम न करें

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 26, 2019

नयी दिल्ली। झारखंड में भीड़ द्वारा एक मुस्लिम युवक की हत्या पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि इससे उन्हें पीड़ा पहुंची है तथा दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने झारखंड को भीड़ की हिंसा (मॉब लिंचिंग और मॉब वायलेंस) का अड्डा बताने और एक घटना की वजह से पूरे राज्य के नागरिकों को कटघरे में खड़ा करने को अनुचित बताया। उन्होंने राष्ट्रपति अभिभाषण के राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के जवाब में अपने एक घंटे से अधिक समय तक दिये गये भाषण में बिहार में इंसेफेलाइटिस से इस माह 130 से अधिक बच्चों की मौत को ‘दुख और शर्म’ का विषय बताया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नेके विपक्ष के आरोपों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुये कहा कि मोदी ने कहा कि झारखंड में एक युवक की हत्या के बाद झारखंड को मॉब लिंचिंग और मॉब वायलेंस का अड्डा बताया गया। युवक की हत्या का दुख यहां हम सभी को है। मुझे भी है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा भी मिलनी चाहिये। लेकिन क्या पूरे झारखंड राज्य को दोषी बता देना शोभा देता है? उन्होंने कहा कि जो लोग बुरा करते हैं उन्हें अलग थगल किया जाये और न्यायिक प्रक्रिया के तहत इंसाफ होने देना चाहिये। मोदी ने कहा कि सभी को कटघरे में खड़ा कर राजनीति तो कर लेंगे लेकिन स्थितियां नहीं सुधार पायेंगे। इसलिये पूरे झारखंड को बदनाम करने का हममें से किसी को हक नहीं है। वे भी हमारे देश के नागरिक हैं।

उन्होंने इस समस्या के समाधान का जिक्र करते हुये कहा कि अपराध होने पर उचित रास्ता कानून और न्याय से संविधान, कानून और व्यवस्थायें पूरी तरह से सक्षम हैं और इसके उपाय के लिये भी कानूनी व्यवस्था है। इसके लिये न्यायिक व्यवस्था है और इसके लिये हमें जितना कुछ करना जरूरी हो वह सब कुछ करना चाहिये। मोदी ने आतंकवाद को भी अच्छी और बुरी श्रेणी में बांटने से दुनिया का बहुत नुकसान होने का हवाला देते हुये कहा कि उसी तरह मॉब लिंचिंग जैसी हिंसा की घटनाओं को भी अपने और पराये में बांटना देश के लिये नुकसानदायक है। 

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उन्होंने कहा कि ऐसी घटनायें चाहे झारखंड में हो, पश्चिम बंगाल में हो या केरल में हो, हमारा एक ही मानदंड होना चाहिये तब ही हम इन्हें रोक पायेंगे। तभी हिंसा करने वालों को सबक मिलेगा कि हिंसा के मामले पर पूरा देश एक है, सभी राजनीतिक दलों की सोच एक है। उन्होंने सभी दलों से इस तरह की घटनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल करने से बाज आने की अपील करते हुये कहा राजनीति करने के लिये और भी क्षेत्र हैं। मोदी ने कहा कि देश के हर नागरिक की सुरक्षा की गारंटी हमारा संवैधानिक दायित्व है। साथ साथ मानवता के प्रति हमारी संवेदनशील जिम्मेदारी भी है। उसको हम कभी नकार नहीं सकते हैं। 

इस दौरान मोदी ने बिहार में बच्चों की इन्सेफेलाइटिस के कारण मौत की घटनाओं का भी जिक्र करते हुए कहा कि यह हम सभी के लिए ‘दुख और शर्म’ की बात है। उन्होंने कहा कि आज भी बच्चों का बुखार से मरना देश की 70 साल की विफलताओं में से एक है और हम सभी को मिलकर इन विफलताओं से निबटने के समाधान खोजने होंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बारे में वह राज्य सरकार के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।

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