By अंकित सिंह | Jul 03, 2024
राज्यसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा के जवाब में पीएम मोदी ने भ्रष्टाचार के बहाने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा है। मोदी ने कहा कि विपक्ष के पास अप्राप्य दोहरे मानदंड हैं। एक तरफ तो दिल्ली में एक मंच पर बैठकर जांच एजेंसियों पर दोष मढ़ते हैं। दूसरी ओर, वे भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए रैलियां निकालते हैं। विपक्ष 'न्याय' की दुहाई देता है, लेकिन खुद पूरी तरह अन्याय और भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है।
प्रधानमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई हमारे लिए मिशन है। ये हमारे लिए चुनाव में हार-जीत का विषय नहीं है। हमने 2014 में जब सरकार बनाई तब हमने कहा था कि हमारी सरकार गरीबों के कल्याण के लिए काम करेगी। हमारी सरकार भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करेगी, कालेधन पर वार करेगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि हम गरीब कल्याण की योजनाएं चला रहे हैं। हमने कालेधन के खिलाफ कानून बनाया। हमने डीबीटी शुरू किया। हमने डिजिटल टेक्नोलॉजी का उपयोग किया। लीकेज दूर किया और आज एक नया पैसा लीक नहीं होता है। जब आम आदमी तक योजनाएं पहुंचती हैं, तब उसका लोकतंत्र में भरोसा बढ़ता है और इसी का परिणाम है कि तीसरी बार यहां बैठा हूं।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं बिना लाग-लपेट के कह रहा हूं, हमने एजेंसियों को भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए खुली छूट दे रखी है। हां, वो ईमानदारी से ईमानदारी के लिए काम करे। कोई भी भ्रष्टाचारी बच नहीं पाएगा, ये मोदी की गारंटी है। विवाद के बीच उन्होंने कहा कि हम चाहते थे कि पेपर लीक जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति न हो, लेकिन विपक्ष को इसकी आदत है। मैं भारत के युवाओं को आश्वस्त करता हूं कि नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को सख्त सजा मिले, इसके लिए एक्शन लिए जा रहे हैं।