मेडल जीतने वाले हाथों में बांध दी बेड़ियाँ, 3 दिन तक भूखा रखा, फिर पीट-पीटकर मार डाला- होनहार वॉलीबॉल खिलाड़ी का दर्दनाक अंत

By रेनू तिवारी | May 23, 2026

खेल के मैदान में देश और राज्य का नाम रोशन करने का सपना देखने वाले एक होनहार खिलाड़ी का अंत इतना खौफनाक होगा, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। राजस्थान के भिवाड़ी का 21 वर्षीय राज्य स्तरीय वॉलीबॉल खिलाड़ी मोनू, जिसने इसी साल 70% अंकों के साथ 12वीं की परीक्षा पास की थी, एक नाबालिग लड़की से रिश्ते के विवाद की भेंट चढ़ गया। आरोप है कि जब वह पुलिस जांच में शामिल होने थाने जा रहा था, तभी लड़की के परिवार वालों ने उसे रास्ते से अगवा कर लिया। इसके बाद क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए उसे तीन दिनों तक एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया, भूखा-प्यासा तड़पाया गया और लगातार बेरहमी से पीटा गया। जब उसका शरीर अधमरा हो गया, तो उसे सड़क पर फेंक दिया गया, जिसके बाद अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी सांसें टूट गईं। मेडल जीतने वाले जिन हाथों में देश का भविष्य था, उनमें बेरहमी की बेड़ियाँ बांधकर एक उभरते हुए खिलाड़ी के जीवन का चिराग हमेशा के लिए बुझा दिया गया।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान राजस्थान के भिवाड़ी के सैदपुर गांव निवासी मोनू (21) के रूप में हुई है, जबकि लड़की फरीदाबाद की निवासी है। पुलिस ने बताया कि खिलाड़ी के परिवार की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और दो संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है।

 लड़की के परिवार का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि लड़की के परिवार ने मोनू को अगवा किया, उसे तीन दिन तक घर में बांधकर भूखा रखा और लगातार पीटते रहे। परिवार का यह भी दावा है कि उसे अधमरी हालत में घर से बाहर फेंक दिया गया था। पुलिस ने बताया कि बाद में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

खिलाड़ी के चाचा नरेंद्र कुमार ने बताया कि मोनू ने वॉलीबॉल में राज्य स्तरीय कई पदक जीते थे और इसी साल उसने 70 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। उन्होंने कहा, ‘‘अप्रैल में उसके खिलाफ तिगांव थाने में एक नाबालिग लड़की के अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। हालांकि, लड़की को बाद में बरामद कर लिया गया था। तब से मोनू के खिलाफ पुलिस जांच जारी थी।’’

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कुमार के अनुसार मोनू 17 मई को थाने के लिए घर से निकला था। उन्होंने कहा, ‘‘उसने बताया कि पुलिस को उससे कुछ सवाल पूछने हैं। इसी दौरान लड़की के परिवार ने मोनू को सड़क से अगवा कर लिया। 17 से 20 मई तक उसे प्रताड़ित किया गया। फिर उसे घर से बाहर फेंक दिया गया।’’

कुमार ने कहा, ‘‘उसी दिन हमें पुलिस से सूचना मिली कि मोनू घायल है और उसे अस्पताल ले जाया जा रहा है। हम तुरंत अस्पताल पहुंचे जहां शुक्रवार को उसकी मौत हो गई।’’ फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। अधिकारी ने कहा, ‘‘दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

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