By अंकित सिंह | Jun 27, 2023
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय सुरक्षा कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए बड़ा खुलासा किया है। रक्षा मंत्री ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई शुरू की और पहली बार न केवल देश बल्कि दुनिया को भी पता चला कि आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का मतलब क्या है। उन्होंने कहा कि पुलवामा और उरी दोनों दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं थीं। प्रधानमंत्री को (सर्जिकल स्ट्राइक करने पर) फैसला लेने में सिर्फ 10 मिनट लगे जो उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है।
आतंकवादियों ने सितंबर 2016 में उरी में सेना के एक शिविर पर हमला किया था, जिसमें 19 जवान मारे गये थे। घटना के एक पखवाड़े बाद सीमापार ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ को अंजाम दिया गया और आतंकवादियों के ‘लांच पैड’ तबाह कर दिये गये। फरवरी, 2019 में दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकवादियों के एक काफिले पर आत्मघाती हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 जवान शहीद हो गए थे। हमले के 12 दिन बाद भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकवादी शिविर को नेस्तनाबूद कर दिया। रक्षा मंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर ने लंबे समय तक आतंकवाद का दंश झेला है।