BRICS Summit 2026 | 'ग्लोबल भलाई पर होगी सार्थक बातचीत', ब्रिक्स समिट से पहले PM Modi का बड़ा बयान, पूरी दिल्ली में सुरक्षा चाक-चौबंद

By रेनू तिवारी | Sep 11, 2026

18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन की मेज़बानी के लिए राजधानी नई दिल्ली पूरी तरह से सज-धज कर तैयार है। वैश्विक नेताओं और राष्ट्राध्यक्षों के आगमन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरोसा जताया है कि इस ऐतिहासिक सम्मेलन में वैश्विक भलाई और जनकल्याण के मुद्दों पर बेहद सकारात्मक और फलदायी चर्चा होगी। PM मोदी ने X पर एक पोस्ट में कहा, "अगले कुछ दिनों में, दुनिया भर के नेता BRICS समिट के लिए इकट्ठा होंगे। मुझे पूरा भरोसा है कि इस कॉन्फ्रेंस में ग्लोबल भलाई की उम्मीद के साथ कई मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक बातचीत होगी।"

नई दिल्ली में यह समिट ऐसे समय में हो रहा है जब ग्लोबल इकॉनमी रूस-यूक्रेन युद्ध, वेस्ट एशिया संकट (खासकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य की नाकेबंदी) और ट्रंप प्रशासन की ट्रेड और टैरिफ़ पॉलिसी के बुरे असर का सामना कर रही है।

इसे भी पढ़ें: दुनिया में उथल-पुथल का दौर...इधर दिल्ली में धड़ाधड़ पहुंच रहे वैश्विक नेता, उधर BRICS बिजनेस फोरम में जयशंकर ने दे डाला बड़ा बयान

समिट में शामिल होने वाले बड़े नेताओं में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन, दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फ़त्ताह अल-सिसी, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग शामिल हैं।

पुतिन का 3 दिन का भारत दौरा शुरू

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने BRICS समिट में हिस्सा लेने और द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और एनर्जी सहयोग को बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए शुक्रवार को भारत का तीन दिन का दौरा शुरू किया। पुतिन के साथ एक हाई-लेवल डेलिगेशन भी आया है।

फ़रवरी 2022 में यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद से रूस के बाहर किसी BRICS समिट में पुतिन की यह पहली व्यक्तिगत मौजूदगी है।

इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu Vellore Church Collapse | तमिलनाडु के वेल्लोर में निर्माणाधीन चर्च की छत ढही! 3 मजदूरों की दर्दनाक मौत और 11 घायल

समिट से पहले दिल्ली हाई अलर्ट पर

शुक्रवार दोपहर पुतिन और PM मोदी के बीच कई मुद्दों पर द्विपक्षीय बातचीत होनी है। इस मीटिंग में डिफ़ेंस, एनर्जी, टेक्नोलॉजी, फ़ार्मास्यूटिकल्स और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान में सहयोग बढ़ाने पर फ़ोकस किए जाने की उम्मीद है।

वीकेंड पर भारत मंडपम में BRICS समिट के लिए दुनिया के बड़े नेताओं की मेज़बानी करने के कारण दिल्ली में कड़ी सुरक्षा और ट्रैफ़िक पर अस्थायी रोक के साथ हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। शनिवार से शुरू हो रहे दो दिन के 18वें ब्रिक्स समिट के लिए दिल्ली पुलिस के लगभग 15,000 जवान, पैरामिलिट्री फ़ोर्स की 200 कंपनियाँ और दिल्ली भर में 500 से ज़्यादा CCTV कैमरे सुरक्षा का इंतज़ाम संभालेंगे।

दिल्ली ट्रैफ़िक पुलिस ने साफ़ किया है कि अधिकारी शहर को बंद नहीं करेंगे, लेकिन VVIP काफ़िलों के रास्ते पर आने-जाने वालों को कुछ समय के लिए रुकना पड़ सकता है, रास्ते बदले जा सकते हैं और कुछ पाबंदियाँ भी हो सकती हैं।


ब्रिक्स समिट भारत के लिए लीडरशिप दिखाने का मंच: कांग्रेस नेता

ब्रिक्स समिट से पहले, पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने इस आयोजन को एक "अहम घटना" बताया, जिससे भारत को ग्लोबल मंच पर अपनी लीडरशिप दिखाने का मौका मिलेगा।

ANI से बात करते हुए खुर्शीद ने कहा कि चीन, ईरान, रूस, साउथ अफ़्रीका और भारत समेत सभी 11 सदस्य देशों के नेताओं की मौजूदगी से नई दिल्ली को देशों को एक साथ लाने, मतभेदों और टकराव को कम करने और दुनिया में बेहतर हालात बनाने की दिशा में काम करने में मदद मिल सकती है।

प्रमुख खबरें

उत्तराखंड में 7,844 करोड़ रुपये का अनुपूरक Budget पेश, गैरसैंण में CM धामी ने रखा प्रस्ताव

Mao Zedong मीम विवाद पर Kylian Mbappe ने मांगी माफी, China की तीन कंपनियों ने तोड़े करार

BCCI सचिव Devajit Saikia ने राज्य संघों को लिखा पत्र, दिव्यांग क्रिकेटरों को दें बढ़ावा

दिल्ली हाट में 1 नवंबर से सजेगा Shilp Samagam Mela, कारीगरों के लिए बनेंगे सात विषयगत क्षेत्र