By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 27, 2026
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश किया। प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र के पहले दिन पेश अनुपूरक बजट में विकास कार्यों, बुनियादी ढांचे और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया गया है। अनुपूरक बजट की आधे से अधिक धनराशि पूंजीगत मद में रखी गई है।
इस बजट में छठे राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप स्थानीय निकायों के लिए राज्य के कर राजस्व में हिस्सेदारी 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इसके लिए 721 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इससे ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों को विकास कार्यों तथा स्थानीय जरूरतों के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।
बुनियादी ढांचे के विकास के लिए विशेष सहायता योजना (एसएएससीआई) के तहत 500 करोड़ रुपये का पूंजीगत प्रावधान किया गया है। ऊर्जा क्षेत्र में खुरपिया फार्म परियोजना सहित पारेषण और वितरण व्यवस्था के लिए विभिन्न मदों में करीब 270 करोड़ रुपये रखे गए हैं। शहरी विकास विभाग की एशियाई विकास बैंक से वित्तपोषित योजनाओं के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये, पुलिस के आवासीय एवं अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 55 करोड़ रुपये और न्यायिक अवसंरचना के लिए करीब 22 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
पंचायत भवनों के निर्माण के लिए पांच करोड़ रुपये रखे गए हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों के रखरखाव सहित लोक निर्माण विभाग के लिए 31 करोड़ रुपये और ग्राम्य विकास विभाग के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों से धान और गेहूं की खरीद के लिए अन्नपूर्ति योजना के तहत 1,100 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
उत्तराखंड जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना (जायका) के लिए 70 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अगले साल हरिद्वार में होने वाले कुंभ की तैयारियों के लिए करीब 290 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। अनुपूरक बजट पेश करने के बाद मुख्यमंत्री ने संवाददाता सम्मेलन में इसे विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के विकसित भारत-2047 के संकल्प में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। धामी ने कहा कि सरकार का ध्यान नई योजनाएं शुरू करने के साथ उनका लाभ समय पर जनता तक पहुंचाने पर भी है। उन्होंने कहा कि बजट निर्माण में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए पांच वर्षों से बजट-पूर्व संवाद आयोजित कर किसानों, महिलाओं, युवाओं, उद्यमियों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से सुझाव लिए जाते हैं।