By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 27, 2026
भारत के पारंपरिक हस्तशिल्प, सांस्कृतिक विरासत और रोशनी के उत्सव को प्रदर्शित करने वाला शिल्प समागम मेला 2026 एक से 15 नवंबर तक दिल्ली के आईएनए स्थित दिल्ली हाट में आयोजित किया जाएगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि पखवाड़े भर चलने वाले इस मेले की विषयवस्तु ‘प्रकाश और परंपरा- ज्योति से ज्योति जलाएं’ है। इसमें कारीगरों के उत्पादों, पारंपरिक शिल्पकला, शिल्प के सजीव प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए सात विषयगत क्षेत्र बनाए जाएंगे।
इस वर्ष पहली बार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग मिलकर शिल्प उत्सव आयोजित करेंगे। इसके तहत भारत ट्यूलिप और पर्पल फेस्ट के अंतर्गत करीब 150 स्टॉल लगाए जाएंगे। इस पहल के जरिए पारंपरिक कारीगरों और रचनात्मक प्रतिभाओं को समावेशी भागीदारी के साझा मंच पर लाया जाएगा।
मेले के सात विषयगत क्षेत्रों में ‘कला आंगन’ में शिल्प का सजीव प्रदर्शन होगा, जबकि ‘प्रकाश चौक’ में दीपक एवं रोशनी से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। ‘पूजा पथ’ में पूजा सामग्री, ‘सजावट बाजार’ में घर की सजावट के उत्पाद, ‘घराना’ में कपड़े और फैशन से जुड़े उत्पाद तथा ‘स्वाद चौक’ में खानपान की व्यवस्था होगी। ‘मंच’ पर सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रस्तुतियां होंगी।
मंत्रालय के अनुसार, भारत ट्यूलिप यानी ‘ट्रेडिशनल आर्टिजन्स अपलिफ्टमेंट लाइवलीहुड प्रोग्राम’ पहल के तहत आकांक्षी समुदायों के उत्पादों को ई-कॉमर्स मंचों के जरिये भारत और विदेश के उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। इसका उद्देश्य पारंपरिक कला और शिल्प को संरक्षित करने के साथ कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। वहीं, पर्पल फेस्ट दिव्यांगजनों की प्रतिभा, रचनात्मकता और समान भागीदारी को बढ़ावा देने वाला आयोजन है।
इसमें दिव्यांगजन, संगठन, संस्थान, कारोबारी, कलाकार और अन्य पक्ष शामिल होते हैं। इसका उद्देश्य दिव्यांगजनों की उपलब्धियों को सामने लाना और समावेशिता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।