By अंकित सिंह | Aug 12, 2024
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली के पूसा स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में 109 उच्च उपज देने वाली, जलवायु अनुकूल और जैव-सशक्त बीजों की किस्में जारी करने के बाद किसानों से बातचीत की। किसानों से बातचीत के दौरान भारी बारिश होने लगी, जिसके कारण अधिकारियों ने पीएम मोदी से बातचीत रद्द करने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि वे बारिश के बावजूद किसानों से बात करेंगे। बातचीत के दौरान पीएम मोदी किसानों को ढकते हुए खुद छाता थामे नजर आए।
किसानों से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान धरती माता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझ रहे हैं और स्वेच्छा से कीटनाशकों से दूर जा रहे हैं। प्राकृतिक खेती की ओर यह बदलाव उनके लिए बेहतर नतीजे दे रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि किसानों द्वारा प्राकृतिक खेती को तेजी से अपनाने से महत्वपूर्ण उपलब्धियां मिलने की उम्मीद है। पीएम मोदी ने किसानों से पूछा कि क्या वे नई किस्म के बीजों का इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं। इस दौरान उन्होंने किसानों को सुझाव दिया कि वे अपनी ज़मीन के एक छोटे से हिस्से या चार कोनों में नई किस्म का इस्तेमाल करें। अपने प्रयोग के संतोषजनक नतीजे आने के बाद ही इसका इस्तेमाल करें। पीएम मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल में तीन गुनी गति से काम करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई है। पीएम मोदी ने इन नई फसल किस्मों को किसानों को समर्पित करते हुए बेहद खुशी जताई है।