By अंकित सिंह | May 31, 2022
सरकार के 8 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हिमाचल प्रदेश दौरे पर हैं। हिमाचल प्रदेश से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान सम्मान निधि योजना की 11वीं किस्त जारी की। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अभी देश के करोड़ों किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा ट्रांसफर हो गया, पैसा उनको मिल भी गया। आज मुझे शिमला की धरती से देश के 10 करोड़ से भी ज्यादा किसानों के खाते में पैसे पहुंचाने का सौभाग्य मिला है। मोदी ने आगे कहा कि आज मेरे जीवन में एक विशेष दिवस भी है, इस विशेष दिवस पर देवभूमि को प्रणाम करने का मौका मिले, इससे बड़ा सौभाग्य क्या हो सकता है। आप इतनी बड़ी तादाद में हमें आशीर्वाद देने आए, मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं।
मोदी ने कहा कि 2014 से पहले की सरकार ने भ्रष्टाचार को सिस्टम का जरूरी हिस्सा मान लिया था। तब की सरकार भ्रष्टाचार से लड़ने की बजाय उसके आगे घुटने टेक चुकी थी, तब देश देख रहा था कि योजनाओं का पैसा जरूरतमंद तक पहुंचने के पहले ही लुट जाता है। उन्होंने कहा कि लेकिन आज चर्चा जन-धन खातों से मिलने वाले फायदों की हो रही है, जनधन-आधार और मोबाइल से बनी त्रिशक्ति की हो रही है। पहले रसोई में धुआं सहने की मजबूरी थी, आज उज्ज्वला योजना से सिलेंडर पाने की सहूलियत है। मोदी ने कहा कि 2014 से पहले देश की सुरक्षा को लेकर चिंता थी, आज सर्जिकल स्ट्राइक-एयर स्ट्राइक का गर्व है। आज हमारी सीमा पहले से ज्यादा सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना हो, स्कॉलरशिप देना हो या फिर पेंशन योजनाएं, टेक्नोलॉजी की मदद से हमने भ्रष्टाचार का स्कोप कम से कम कर दिया है। जिन समस्याओं को पहले Permanent मान लिया गया था, हम उसके Permanent Solution देने का प्रयास कर रहे हैं।
मोदी ने कहा कि ये हमारी ही सरकार है जिसने चार दशकों के इंतजार के बाद वन रैंक वन पेंशन को लागू किया, हमारे पूर्व सैनिकों को एरियर का पैसा दिया। इसका बहुत बड़ा लाभ हिमाचल के हर परिवार को हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में दशकों तक वोटबैंक की राजनीति हुई है। अपना-अपना वोटबैंक बनाने की राजनीति ने देश का बहुत नुकसान किया है। हम वोटबैंक बनाने के लिए नहीं, नए भारत को बनाने के लिए काम कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि 2014 से पहले जब मैं आपके बीच आता था, तो कहता था कि भारत दुनिया से आंख झुकाकर नहीं, आंख मिलाकर बात करेगा। आज भारत मजबूरी में दोस्ती का हाथ नहीं बढ़ाता है। आज भारत मदद के लिए हाथ बढ़ाता है। हमें 21वीं सदी के बुलंद भारत के लिए, आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करना है। एक ऐसा भारत जिसकी पहचान अभाव नहीं बल्कि आधुनिकता हो।