US-Iran शांति समझौते पर PM Modi का बयान, बोले- West Asia में स्थिरता के लिए भारत प्रतिबद्ध

By अभिनय आकाश | Jun 15, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अमेरिका (US) और ईरान के बीच तय हुई शांति डील का स्वागत किया और साथ ही पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता के लिए भारत की अपील को दोहराया। माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि कई दिनों की गहन बातचीत के बाद तय हुआ शांति समझौता, नेविगेशन और व्यापार की आज़ादी सुनिश्चित करने में मदद करेगा। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने का भी ज़िक्र किया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत बाकी मुद्दों पर बातचीत के ज़रिए एक टिकाऊ और अंतिम समझौते तक पहुँचने की उम्मीद कर रहा है।

इसे भी पढ़ें: US-Iran Peace Deal पर Donald Trump का बड़ा खुलासा, Netanyahu ने क्यों डाला था अड़ंगा?

उन्होंने कहा कि इस हफ़्ते के आखिर में समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर होने के बाद होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोल दिया जाएगा। ट्रंप ने कहा शुक्रवार को समझौते पर हस्ताक्षर होने और जलडमरूमध्य के खुलने के बाद, बारूदी सुरंगें हटाने के काम के साथ-साथ, इस क्षेत्र और पूरी दुनिया के लिए दोनों तरफ़ से तेल की आपूर्ति फिर से शुरू हो जाएगी! इससे पहले, पाकिस्तान की मध्यस्थता और कई दौर की बातचीत के बाद ट्रंप ने दोनों देशों के बीच शांति समझौते की घोषणा की थी। ट्रंप ने डील पूरी होने का ऐलान किया और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने और अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी हटाने की मंज़ूरी देते हुए कहा, "दुनिया के जहाज़ों, अपने इंजन चालू करो। तेल बहने दो!

इसे भी पढ़ें: G7 Summit से पहले France में हलचल तेज, क्या होगी PM Modi और Donald Trump की मुलाकात? इन मुद्दों पर नजर।

इस घोषणा के बाद, ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप-विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने शांति समझौते की पुष्टि की और बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए तेहरान की शर्तें बताईं। ईरान के सरकारी प्रेस टीवी के अनुसार, ग़रीबाबादी ने कहा कि आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह शुक्रवार को होगा, जिसके बाद समझौता ज्ञापन (MoU) का मसौदा सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान अंतिम समझौते के लिए प्रस्तावित 60 दिनों की बातचीत की प्रक्रिया में तभी शामिल होगा जब यह पक्का हो जाए कि अमेरिका ने दुश्मनी खत्म करने, नाकेबंदी हटाने और ईरानी संपत्ति को जारी करने से जुड़े वादे पूरे कर लिए हैं। ग़रीबाबादी ने कहा, 60 दिनों की बातचीत में शामिल होना अमेरिका द्वारा इन वादों को पूरा करने पर निर्भर करता है। ईरानी अधिकारी ने यह भी कहा कि यह समझौता कूटनीतिक कोशिशों और संघर्ष के दौरान ईरान की सैन्य उपलब्धियों का नतीजा है।

प्रमुख खबरें

Deepak Prakash का मंत्री पद खतरे में? SC ने Bihar सरकार से पूछा- वैधता क्या है?

Karnataka में Fraud रोकने को सख्त होंगे नियम, DK Shivakumar बोले- असली हकदारों को मिलेगा लाभ

Noida International Airport पर CM Yogi बोले - किसानों ने UP के विकास का नया इतिहास रचा

फीफा वर्ल्ड कप में Manuel Neuer का ऐतिहासिक कारनामा, 5वां World Cup खेलकर रचा इतिहास