By रेनू तिवारी | Jan 15, 2026
आज, 15 जनवरी 2026 को भारत अपना 78वाँ भारतीय सेना दिवस (Indian Army Day) मना रहा है। यह दिन हर भारतीय के लिए गर्व और सम्मान का प्रतीक है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को सेना दिवस के मौके पर भारतीय सेना की तारीफ करते हुए कहा कि देश के सैनिक निस्वार्थ सेवा के प्रतीक के तौर पर सबसे मुश्किल हालात में पक्के इरादे के साथ देश की रक्षा के लिए डटे रहते हैं।
15 जनवरी, 1949 को फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा (फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा) ने अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल सर फ्रांसिस बुचर को भारतीय सेना की कमान सौंपी थी। इस तरह वह आजाद भारत के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बने थे। इसी ऐतिहासिक घटना की याद में हर साल सेना दिवस मनाया जाता है।
परेड का स्थान (जयपुर): इस वर्ष मुख्य सेना दिवस परेड जयपुर (राजस्थान) में आयोजित किया जा रहा है। इस परंपरा का हिस्सा है कि अब परेड को दिल्ली से बाहर के देशों की अलग-अलग विचारधारा में ले जाया जा रहा है, ताकि पूरी जनता सेना के शौर्य को देखा जा सके।
इस साल की थीम (थीम): साल 2026 को सेना "नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिकिटी का साल" के रूप में मना रही है। इसका मतलब है कि हमारी सेना अब तकनीक, डेटा और डिजिटल नेटवर्किंग के मामले में और भी आधुनिक हो रही है।
शौर्य कथा: जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) स्टेडियम में शाम को एक विशेष कार्यक्रम होगा, जिसमें 1,000 से अधिक डूबे लोगों के साथ 'ड्रोन शो' और युद्ध कलाओं का प्रदर्शन किया जाएगा।
सम्मान: इस दिन थल सेना प्रमुख को 'सेना मेडल' और वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया जाता है।