By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 16, 2026
निर्यातकों ने कहा है कि सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) से भारत के बढ़ते मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के नेटवर्क का पूरा लाभ उठाने का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आह्वान समयानुकूल है। उनका है कि इन समझौतों से छोटे कारोबारियों को बड़े वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने, वैश्विक मूल्य श्रृंखला से जुड़ने और अपनी प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाने का अवसर मिलता है। निर्यातकों ने कहा कि कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में तरजीही बाजार पहुंच उपलब्ध होने के बाद वास्तविक अवसर इन समझौतों को निर्यात ऑर्डर में बदलने में है।
चमड़ा निर्यातक परिषद (सीएलई) के पूर्व चेयरमैन अकील पनारूना ने कहा कि प्रगतिशील व्यापार समझौतों और नई संभावनाएं खोलने वाली विदेश व्यापार नीति के साथ भारत निरंतर वृद्धि और समृद्धि के लिए मजबूत स्थिति में है। पनारूना ने कहा, ‘‘हम भारतीय विनिर्माण को मजबूत करने, बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में सार्थक योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का आत्मनिर्भरता, नवाचार, युवाओं के सशक्तीकरण, रोजगार सृजन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर जोर उद्योग के सामूहिक संकल्प को और मजबूत करता है। भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) के महानिदेशक अजय सहाय ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का एमएसएमई से भारत के बढ़ते एफटीए नेटवर्क का पूरा लाभ उठाने का आह्वान समयानुकूल और महत्वपूर्ण है।
सहाय ने कहा, ‘‘एफटीए केवल शुल्क में रियायत तक सीमित नहीं हैं। वे एमएसएमई को वैश्विक मूल्य श्रृंखला से जुड़ने, बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने और अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने का रास्ता देते हैं। कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में तरजीही बाजार पहुंच उपलब्ध होने के साथ वास्तविक अवसर इन समझौतों को निर्यात ऑर्डर में बदलने में है।