PM को किसानों से वार्ता करनी चाहिए, कृषकों का भरोसा खो चुका है केंद्र: हरसिमरत

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 08, 2021

नयी दिल्ली। सरकार और प्रदर्शनकारी किसान संगठनों के बीच आठवें दौर की वार्ता के एक दिन पहले शिरोमणि अकाली दल की नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि केंद्र समूचे कृषक समुदाय का भरोसा खो चुका है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आंदोलनकारी किसानों के साथ सीधे वार्ता करनी चाहिए। किसानों की पीड़ा पर अपना दुख प्रकट करते हुए बादल ने कहा, ‘‘यह अजीब है कि किसान कंपकंपा देने वाली ठंड में खुले में रातें गुजार रहे हैं और बहरे कानों तक उनकी आवाजें नहीं पहुंच पा रही है।’’ लोकसभा में तीनों कृषि कानून पारित होने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने वालीं बादल ने दिए एक साक्षात्कार में कहा कि पिछले छह-सात हफ्ते में किसानों ने जो सामना किया है, केंद्रीय मंत्री रहते हुए उन्हें भी इसका सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा, ‘‘... अब जो स्थिति पैदा हुई है और विरोध हो रहा है, इससे बचने के लिए मैं महीनों तक मंत्रिमंडल की बैठकों में या केंद्र सरकार के शीर्ष नेताओं के साथ सीधी वार्ता में यह कहती रही कि तीनों विधेयक लाने के पहले एक बार किसानों की बात सुन लीजिए क्योंकि वे देश के अन्नदाता हैं। अन्यथा आंदोलन होगा, लोग विरोध प्रदर्शन करेंगे। लेकिन बहरे कानों तक मेरी आवाज नहीं पहुंच पायी।’’ प्रदर्शन के दौरान किसानों की मौत के लिए कौन जिम्मेदार होगा, इस बारे में पूछे जाने पर बादल ने कहा कि केंद्र देश में किसानों का भरोसा गंवा चुका है। बादल ने कहा, ‘‘किसान अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के दरवाजे पर मर रहे हैं। देश में अन्नदाताओं की मौत के लिए कौन जिम्मेदार होगा?’’ प्रदर्शन कर रहे किसानों और केंद्र के बीच चल रही बैठकों के बारे में पूछे जाने पर बादल ने कहा कि सात दौर की वार्ता के बावजूद कोई परिणाम नहीं निकल पाया है। बादल ने कहा, ‘‘अगर कई दौर की बैठकों के बावजूद मंत्री किसानों के मुद्दों को नहीं सुलझा पा रहे हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रदर्शनकारी किसानों के साथ सीधे वार्ता करनी चाहिए। ’’ उन्होंने पंजाब में कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार और राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर भी निशाना साधा और कहा कि वह अपनी जिम्मेदारी निभा पाने में नाकाम रहे हैं। 

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बादल ने कहा, ‘‘किसानों के खिलाफ इस अपराध में केंद्र और राज्य सरकारें सीधे तौर पर भागीदार हैं। किसान जब धरना पर बैठे थे तो पंजाब के मुख्यमंत्री अपने फार्महाउस में मौज कर रहे थे। कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के मुख्यमंत्री और राज्य के लोगों के अभिभावक के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह नाकाम रहे।’’ केंद्र में भाजपा नेतृत्व वाली राजग सरकार में हरसिमरत कौर बादल केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री थीं और विधेयकों को पारित कराने के लिए लोकसभा में लाए जाने पर उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। हरसिमरत के पति और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने तीनों कृषि विधेयकों पर चर्चा में भागीदारी करते हुए निचले सदन में उनके इस्तीफे की घोषणा की थी। कुछ दिन बाद भाजपा के साथ दशकों पुराना रिश्ता तोड़ते हुए शिरोमणि अकाली दल सत्तारूढ़ राजग से बाहर हो गया।

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