पोम्पिओ ने चीन को हांगकांग की स्वायत्तता, स्वतंत्रता में दखल ना देने की चेतावनी दी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 18, 2020

वाशिंगटन। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने चीन को हांगकांग की स्वायत्तता एवं स्वतंत्रता में दखल ना देने की चेतावनी देते हुए कहा कि यह निश्चित तौर पर अमेरिका के एक देश, दो प्रणाली और क्षेत्र की स्थिति के आकलन को प्रभावित करेगा। हांगकांग का ‘एक देश, दो प्रणाली’ के तहत 1997 में चीन में विलय हो गया थ। इस सिद्धांतके तहत हांगकांग को चीन कुछ हद तक स्वायत्तता प्रदान करता है, जिसे आधिकारिक तौर पर हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र कहा जाता है।

पोम्पिओ ने सख्त अल्फाज में कहा, ‘‘चीन-ब्रिटिश संयुक्त घोषणा और बुनियादी कानून के तहतहांगकांग की स्वायत्तता एवं स्वतंत्रता पर कोई भी निर्णय निश्चित तौर पर एक देश, दो प्रणाली और क्षेत्र की स्थिति के हमारे आकलन को प्रभावित करेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हाल ही में मुझे पता चला है कि चीनी सरकार ने हांगकांग में अमेरिकी पत्रकारों के काम में हस्तक्षेप करने की धमकी दी है।’’ पोम्पिओ ने कहा कि ये पत्रकार स्वतंत्र मीडिया का हिस्सा हैं, कोई प्रचारक नहीं और अपनी रिपोर्टिंग के जरिए ये चीन के नागरिकों और विश्व को जानकारी मुहैया कराते हैं। ‘ब्रेइटबार्ट न्यूज नेटवर्क और सिरियसएक्सएम पैट्रियट’ को दिए साक्षात्कार में पोम्पिओ ने कहा था उन्हें हांगकांग में विदेशी पत्रकारों को मिल रही धमकियों के बार में पता चला है। उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे लगता है कि इससे पता चलता है कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को उनके कदमों से होने वाले खतरे की जानकारी है। मुझे लगता है कि वे हमले उनकी कमजोरी दर्शाते हैं ना की कोई समाधान।’’ इससे पहले पोम्पिओ कोरोना वायरस से निपटने के तरीके को लेकर भी चीन की काफी अलोचना कर चुके हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी कोरोना वायरस को लेकर चीन पर हमला बोलते हुए कहा था कि उसे समय रहते विश्व को आगाह करना चाहिए था।

प्रमुख खबरें

डॉक्टर की डिग्री बिक रही है...NEET Paper Leak पर छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर, NSUI का प्रदर्शन

ट्रंप से नफरत अब मानसिक बीमारी! इसका इलाज- प्रेसिडेंट पर भरोसा रखें और राष्ट्रगान सुनें, वायरल हुआ अनोखा प्रिस्क्रिप्शन

Gold नहीं खरीदने की मोदी की अपील के बाद ज्वैलर्स लाये नई योजना, पुराने सोने के बदले नये गहने खरीदने पर आकर्षक स्कीमें

वैश्विक संकट के बीच सबसे बड़े कूटनीतिक मिशन पर निकल रहे हैं मोदी, विश्व राजनीति में होगा बड़ा उलटफेर