By अनन्या मिश्रा | Oct 03, 2025
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में थकान, तनाव और चिंता आदि महिलाओं के जीवन का हिस्सा बन चुका है। ऐसे में मन और शरीर को शांत रखना एक बड़ी चुनौती बन चुका है। लेकिन अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं हैं। क्योंकि आप योग और मुद्राओं की मदद से मन और शरीर को शांत कर सकती हैं। यह न सिर्फ आपके शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाने का काम करता है।
इस मुद्रा का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले आरामदायक मुद्रा में बैठ जाएं।
फिर दोनों हाथों को सामने की तरफ लाएं
अब अंगूठे को हथेली के अंदर रखें।
इसके बाद बाकी की चार उंगलियों से अंगूठे को इस तरह से दबाना है कि मुट्ठी बन जाए।
दोनों हाथों से इस तरह की मुट्ठी बनाएं और जांघों पर रखें।
फिर आंखें बंद करके गहरी सांस अंदर लें और बाहर छोड़ें।
रोजाना 10-15 मिनट तक यह मुद्रा करें।
इस मुद्रा को करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह शरीर में मौजूद जीवन ऊर्जा को संतुलित करने का काम करती है। कश्यप मुद्रा निगेटिव एनर्जी को दूर करती है और पॉजिटिव एनर्जी के प्रवाह को बढ़ाती है। जिससे आप पूरा दिन फ्रेश फील करती हैं।
मन को शांत करने में कश्यप मुद्रा काफी असरदार होता है। रोजाना इस मुद्रा का अभ्यास करने से चिंता, तनाव और ज्यादा सोचने की आदत कम होती है और दिमाग शांत होता है। इससे आप तनाव मुक्त महसूस करती हैं।
कश्यप मुद्रा शरीर मे ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद करती है। जब ब्लड फ्लो अच्छा होता है, तो शरीर के हर अंग तक पोषक तत्व और ऑक्सीजन पहुंचता है, जिससे सेहत में भी सुधार होता है और स्किन में भी निखार आता है।
बढ़ेगी एकाग्रता
अगर आपका किसी काम में मन नहीं लग रहा है, तो आपके लिए कश्यप मुद्रा काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। यह मानसिक स्पष्टता और एकाग्रता को बढ़ाती है। यह मुद्रा स्टूडेंट्स और काम करने वाली महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है।
इस मुद्रा को करने से शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। यह मुद्रा शरीर को बीमारियों से लड़ने में शक्ति देती है और जीवन शक्ति को भी बढ़ाती है। जिससे आप अधिक स्वस्थ और ऊर्जावान रहती हैं।
कश्यप मुद्रा करने से दिमाग के दोनों हिस्से संतुलित होते हैं। साथ ही यह मुद्रा करने से सहज ज्ञान और नकारात्मक सोच बढ़ती है। यह आपके अंदर छिपी हुई रचनात्मकता को बाहर लाता है और अपनी समस्याओं को सुलझाने के नए तरीकों को सुझाती है।
बता दें कि यह मुद्रा करने से भावनाएं कंट्रोल होती हैं और आंतरिक शांति भी बढ़ती है। अगर आप भावनात्मक रूप से अस्थिर फील कर रही है, तो आपको यह मुद्रा जरूर करना चाहिए। इससे आपका मन शांत होता है।