Prajatantra: केंद्र की योजना हाईजैक कर रही मान सरकार! पंजाब में आमने-सामने AAP और BJP

By अंकित सिंह | Nov 17, 2023

देश की राजनीति भी दिलचस्प होती जा रही है। चुनावी नफा नुकसान को देखते हुए राजनीतिक दल रेवड़ी कल्चर को बढ़ावा देने में लगे हुए हैं। इन सब के बीच दिल्ली में लगातार मुफ्त की सुविधा देने वाली आम आदमी पार्टी पंजाब में भी लोगों के बीच मुफ्त की चीजों को बांटने में लगी हुई है। हालांकि, आम आदमी पार्टी का लगातार यह दवा रहता है कि वह जनता के पैसे का सही इस्तेमाल कर जनता को ही लौटती है। आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार जो कि पंजाब में है, घर-घर आटा दाल योजना शुरू करने वाली है। जानकारी के मुताबिक श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर 27 नवंबर को पंजाब सरकार इसकी शुरुआत करेगी। इस योजना को कम भगवंत मान खुद हरी झंडी दिखाएंगे। इस योजना के तहत प्रदेश के गरीबों को गेहूं और आटे की होम डिलीवरी होगी। अब इसको लेकर राजनीति शुरू हो गई है। 

कांग्रेस का दावा

इस बीच, कांग्रेस नेता और पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने आप सरकार को इस “दोषपूर्ण” योजना के प्रति आगाह किया। बाजवा ने कहा, "न केवल लाभार्थियों को घटिया आटा मिलने का खतरा है, बल्कि आप सरकार की प्रमुख योजना से राज्य के खजाने पर अनावश्यक बोझ भी बढ़ेगा।" बाजवा ने दावा किया कि  खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी पहले ही चिंता जता चुके हैं कि उनके पास गेहूं के आटे की गुणवत्ता का पता लगाने का कोई तरीका नहीं है। फिर भी, आप सरकार इस योजना को आगे बढ़ाने पर अड़ी हुई है।'' उन्होंने कहा कि सरकार को लाभार्थियों को आटे की जगह गेहूं का अनाज उपलब्ध कराना चाहिए। बाजवा ने पंजाब की आप सरकार पर दिल्ली में बैठे आप आकाओं के अतार्किक विचार को संतुष्ट करने के लिए सुचारू रूप से चल रही राशन डिपो प्रणाली को खत्म करने का आरोप लगाया। 

आप का पलटवार

आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के प्रवक्ता अहबाब ग्रेवाल ने कहा कि भाजपा नेता को राज्य की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा, ''ये लोग पंजाबियों को बेवकूफ बनाने के लिए घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। लेकिन अब पंजाब के लोग उनके जाल में फंसने वाले नहीं हैं।” ग्रेवाल ने पूछा, अगर जाखड़ और अन्य भाजपा नेता पंजाब के बारे में इतने चिंतित हैं तो उन्होंने लंबित ग्रामीण विकास निधि और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत धनराशि रोके जाने का मुद्दा केंद्र के समक्ष क्यों नहीं उठाया।

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मुफ्त की रेवड़ी बांटने में कोई दल पीछे नहीं है। जिस पार्टी को जहां लगता है कि यहां मुफ्त की रेवड़ी देने से उसे फायदा हो सकता है वहां वह पार्टी अपनी आंखें मूंद देती है। पांच राज्यों में हो रहे चुनाव में भी लगातार मुफ्त की रेवड़ी की बातें खूब हो रही है। हालांकि जनता समझदार है। उसे पता है कि यह किस लिए और क्यों किया जा रहा है। यही तो प्रजातंत्र है।\

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