By नीरज कुमार दुबे | Jun 03, 2024
लोकसभा चुनाव परिणाम चार जून को आएंगे। मात्र 24 घंटों से भी कम समय में यह स्पष्ट हो जायेगा कि अबकी बार किसकी सरकार बनेगी और कौन भारत का प्रधानमंत्री बनेगा। चुनाव परिणाम से पहले जहां एक ओर एनडीए और इंडिया गठबंधन अपनी अपनी जीत के दावे कर रहे हैं तो दूसरी ओर नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां भी शुरू हो गयी हैं। राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से इस संबंध में कुछ निविदाएं भी जारी कर दी गयी हैं। बताया जा रहा है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कर्तव्य पथ, भारत मंडपम या यशोभूमि कनवेंशन सेंटर में आयोजित किया जा सकता है। नई सरकार का प्रयास रहेगा कि सरकार के शपथ ग्रहण समारोह से भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रचार-प्रसार किया जा सके। हम आपको याद दिला दें कि पिछले साल सरकार की ओर से भारत मंडपम में ही जी-20 सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया था। भाजपा ने हाल ही में अपनी राष्ट्रीय परिषद की बैठक भी भारत मंडपम में आयोजित की थी।
दूसरी ओर, जिस तरह भाजपा और एनडीए इस बार 400 सीटों के आंकड़े को पार करने के लिए आश्वस्त हैं उसको देखते हुए देशभर में भाजपा कार्यालयों में भी मिठाइयां बननी शुरू हो गयी हैं और चुनाव परिणाम के बाद आतिशबाजी के प्रबंध किये जा रहे हैं और ढोल-नगाड़े वालों को बुक कर लिया गया है। इसके साथ ही बताया जा रहा है कि चुनाव परिणाम के बाद शाम को नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भव्य स्वागत की तैयारियां भी की जा रही हैं। बताया जा रहा है कि चुनाव परिणाम आने के बाद शाम को भाजपा मुख्यालय पर प्रधानमंत्री पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर सकते हैं। चार जून की शाम को ही भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में चुनाव परिणाम की समीक्षा भी की जायेगी।
दूसरी ओर, लोकसभा सचिवालय ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। नवनिर्वाचित सांसदों के दिल्ली पहुँचने पर हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशनों पर उनके स्वागत तथा उनको दिल्ली में उनके ठहरने के स्थल तक पहुँचाने के लिए बसों और गाड़ियों की व्यवस्था की जा रही है। नई लोकसभा के गठन से पहले संसद परिसर की भी साज-सज्जा की जा रही है।
इस बीच, विभिन्न पार्टियों के बड़े नेता दिल्ली पहुँचना शुरू हो चुके हैं ताकि चुनाव परिणाम आने के बाद सरकार गठन से संबंधित बैठकों में हिस्सा ले सकें। दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार अधिकारियों के साथ बैठकें कर नई सरकार के पहले 100 दिन के एजेंडे पर काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी चुनाव प्रचार के दौरान देश से वादा भी कर चुके हैं कि उनके तीसरे कार्यकाल के पहले 100 दिन बड़े फैसले वाले होंगे। देखना होगा कि चुनाव परिणाम क्या रहते हैं। हालांकि सभी एक्जिट पोलों ने भाजपा और एनडीए की विजय की भविष्यवाणी की है लेकिन विपक्ष इसे छलावा बताते हुए अपनी जीत का दावा कर रहा है।