By रेनू तिवारी | Feb 04, 2026
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को अपनी ओडिशा यात्रा के तीसरे दिन की शुरुआत गहरी आध्यात्मिक आस्था के साथ की। पुरी में रात्रि विश्राम के बाद, राष्ट्रपति ने पवित्र श्वेत गंगा कुंड में पिंडदान किया और उसके बाद भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। पुरी के लोक भवन में रात्रि विश्राम के बाद, राज्य के अपने दौरे के तीसरे दिन राष्ट्रपति सुबह सात बजे श्वेत गंगा पहुंचीं, जहां उन्होंने पूर्वजों की आत्माओं की शांति लिए पिंडदान किया।
इसके बाद राष्ट्रपति सुबह सात बजकर 40 मिनट पर श्रीजगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार पहुंचीं, जहां गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी और श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक अरविंद कुमार पाढ़ी भी मौजूद थे। राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर मंदिर को आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रखा गया था।
अपने परिवार के साथ राष्ट्रपति ने धुकुड़ी द्वार (दक्षिणी द्वार) से मंदिर में प्रवेश किया और गर्भगृह में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन किए। एसजेटीए के मुख्य प्रशासक ने बताया कि राष्ट्रपति बनने के बाद मंदिर में मुर्मू की यह चौथी यात्रा है। उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रपति ने गर्भगृह में प्रार्थना की, दीप प्रज्वलित किया और मंदिर परिसर में मां बिमला तथा मां लक्ष्मी मंदिरों में दर्शन किया। राष्ट्रपति की मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना के साथ प्रशासन की ओर से मंदिर पर ध्वज फहराया गया।’’ दर्शन के बाद राष्ट्रपति मंदिर के सामने जुटे लोगों के पास गईं और उनसे बातचीत की।
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए मंदिर और पुरी शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मंदिर प्रशासन की ओर से राष्ट्रपति को खंडुआ (पवित्र वस्त्र) और पटचित्र भेंट किया गया।राष्ट्रपति मुर्मू दिन में बाद में मयूरभंज जिले स्थित अपने पैतृक स्थान रायरंगपुर जाएंगी।