By अभिनय आकाश | Oct 10, 2019
केंद्र सरकार द्वारा देश के रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों के निजीकरण के प्रयास तेज करने के दिशा में कदम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। जिसकी पहली झलक बीते दिनों देश की पहली निजी सेमी-हाई स्पीड ट्रेन तेजस के रूप में देखने को मिली जिसे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया था। इसके बाद आने वाले समय में सरकार नहीं बल्कि प्राइवेट ऑपरेटर्स ही रेलवे स्टेशन का जिम्मा संभालते नजर आएं तो इसमें चौंकने वाली बात नहीं होगी। खबरों के अनुसार केंद्र सरकार ने 50 रेलवे स्टेशनों और 150 ट्रेनों का निजीकरण करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने रेलवे बोर्ड चेयरमैन विनोद कुमार यादव को एक पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने लिखा है, 'जैसा कि आप पहले से जानते हैं कि रेल मंत्रालय ने पैसेंजर ट्रेनों के संचालन के लिए निजी ट्रेन ऑपरेटरों का लाने का फैसला किया है और पहले चरण में 150 ट्रेनों को इसके तहत लेने का विचार कर रहा है।' 50 रेलवे स्टेशनों के निजीकरण के बारे में कांत ने कहा कि उन्होंने इसे लेकर रेल मंत्री पीयूष गोयल से अहम मीटिंग कर इस योजना पर चर्चा कर चुके हैं और इस मामले को प्राथमिकता देने की जरूरत महसूस की गई।