By अभिनय आकाश | Oct 08, 2026
कर्नाटक सरकार, AI-बेस्ड भाषा टेक्नोलॉजी प्लेटफ़ॉर्म 'भाषिणी' का इस्तेमाल करके लोकल भाषाओं और बोलियों में डिजिटल गवर्नेंस और नागरिकों के लिए सेवाओं को ज़्यादा आसान और सुलभ बनाएगी। राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और ई-गवर्नेंस मंत्री प्रियांक खड़गे ने गुरुवार को यह बात कही। बेंगलुरु के विधान सौधा में ई-गवर्नेंस विभाग द्वारा अलग-अलग सरकारी विभागों के अधिकारियों के लिए आयोजित 'भाषिणी' वर्कशॉप का उद्घाटन करने के बाद प्रियांक खड़गे ने कहा, "कर्नाटक एक राज्य है, लेकिन इसमें कई दुनियाएँ बसी हैं। अलग-अलग इलाकों में हमारी भाषा, बोलियाँ और सांस्कृतिक संदर्भ काफी अलग-अलग हैं। अगर टेक्नोलॉजी को सच में गवर्नेंस को ज़्यादा सुलभ बनाना है, तो उसे नागरिकों से उसी भाषा में बात करनी होगी जिसे वे समझते हैं। 'भाषिणी' हमें इस अंतर को पाटने के लिए AI, आवाज़ और अनुवाद टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने का मौका देती है। हमें 'प्रजा सेवा' और ई-गवर्नेंस के तहत अपनी 700 से ज़्यादा नागरिक सेवाओं को आसान, समझने में सरल और सुलभ बनाने के लिए इसका इस्तेमाल करना चाहिए। सवाल यह नहीं है कि नागरिक टेक्नोलॉजी के हिसाब से खुद को ढाल सकते हैं या नहीं, बल्कि यह है कि क्या टेक्नोलॉजी नागरिकों के हिसाब से खुद को ढाल सकती है।" एक प्रेस रिलीज़ के मुताबिक, इस वर्कशॉप में सरकारी सेवाओं को आसान, ज़्यादा समावेशी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए AI-बेस्ड भाषा और आवाज़ टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर चर्चा की गई।
केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया डिवीज़न के CEO अमिताभ नाग ने 'भाषिणी' और उसकी क्षमताओं के बारे में बात की। प्रजा सेवा विभाग के प्रधान सचिव हर्ष गुप्ता ने शुरुआती भाषण दिया। ई-गवर्नेंस विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार पांडे, सूचना और जनसंपर्क विभाग के सचिव जे. मंजूनाथ, निदेशक भोयर हर्षल नारायणराव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।